नई दिल्ली: पंजाब में साल 2001 से 2015 के दरमियान दहशतगर्दी से मुताल्लिक़ पेश आए वाक़ियात इस तरह हैं : जिस में ज़ब्त शूदा असलाह-ओ-गोला बारूद शामिल नहीं है। उस वक़्त के मुमलिकती वज़ीरे दाख़िला विद्या सागर राव ने लोक सभा में बताया था कि पंजाब के ज़िला गुरदासपुर में हिंद – पाक सरहद पर एक मार्च 2001 को 135 गज़ तवील एक खु़फ़ीया सुरंग का पता चला था जिसे पाकिस्तानी सेक्योरिटी फ़ोर्स ने तबाह करदिया था।
जब कि हिमाचल प्रदेश की सरहद के करीब दमताल फायरिंग रेंज में एक जनवरी 2002 को नामालूम अस्करीयत पसंदों के हमले में 3 फ़ौजी हलाक और दीगर 5 शदीद ज़ख़मी होगए। ज़िला होशियार पुर के पटरना में 31 जनवरी 2002 को पंजाब रोडवेज़ की बस में धमाके से 2 अफ़राद हलाक और दीगर 12 ज़ख़मी होगए थे जब कि लुधियाना से 20 किलोमीटर दूर धरवा में 31 मार्च 2002 को फीरोज़ पुर धनबाद एक्सप्रेस में बम धमाका से 2 अफ़राद हलाक और 28 से ज़ाइद अफ़राद शदीद ज़ख़मी हुए ।
जालंधर बस टर्मिनस में 28 अप्रैल 2006 को एक बस में बम धमाके से कम अज़ कम 8 अफ़राद ज़ख़मी हुए थे और लुधियाना के एक समीनार हाल में 14 अक्टूबर 2007 को बम धमाके में 7 अफ़राद बिशमोल एक 10 साला लड़का हलाक और दीगर 40 ज़ख़मी होगए थे।