नोटबंदी की वजह से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। लंबी लाइन और पैसे की दिक्कत का गुस्सा लोग अब सरकार पर निकालने लगे हैं। ऐसा ही मामला यूपी में देखने को मिला। पति की मौत के लिएनोटबंदी और प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक के गवर्नर व बैंक प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराते हुए थाने पर दी गई महिला की तहरीर पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक महिला ने पति को इलाज ना मिलने से हुई मौत का जिम्मेदार प्रधानमंत्री का अचानक लिया हुआ नोटबंदी का फैसला था।
पुलिस का कहना है कि वह पढ़ी लिखी नहीं है और उसने तहरीर पर अंगूठा लगाया है, यह जानने की भी कोशिश की जा रही है कि किसी उकसावे या बहकावे में आकर तो उसने अंगूठा नहीं लगा दिया।
16 नवंबर की रात गंजडुंडवारा नई बस्ती के रहने वाले रिक्शा चालक मुज्जमिल की उपचार के लिए अलीगढ़ ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी खुशनुमा का कहना है कि वो दो दिन तक नोट बदलने के लिए बैंक में लाइन में खड़ी रही, लेकिन नोट नहीं बदले गए। इसके बाद पड़ोसियों ने चंदा एकत्र कर सौ-सौ रुपये के नोट दिए, जिसके बाद वह अपने पति को इलाज के लिए ले गई लेकिन तबतक बहुत देर हो गई और रास्ते में ही उनकी मौत हो गई थी।
खुशनुमा पति की मौत के लिए नोट बंदी लागू करने के फैसले को जिम्मेदार ठहराया है। उसने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक के गर्वनर एवं एसबीआई के शाखा प्रबंधक के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। एसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि महिला के आरोपों में कितनी सच्चाई है, इसकी जांच कराई जा रही है।