कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि पीएम मोदी द्वारा परीक्षा पर बच्चों के लिए संबोधन को प्रसारित करने की कोई जरूरत नहीं है। राज्य के शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों और कॉलेजों से कहा है कि उन्हें 16 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की स्कूलों में बच्चों को सुनाने की व्यवस्था करने की जरूरत नहीं है।
राज्य के शिक्षा मंत्री ने कहा है कि बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए ऐसा प्रसारण नहीं किया जा सकता। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार शिक्षा विभाग ने इस बारे में यूजीसी के निर्देश को नजरअंदाज करने को कहा है। गौरतलब है कि इसके पहले कई बार पश्चिम बंगाल की ममता सरकार केंद्र के कई आदेशों की अवहेलना कर चुकी है।
पिछले साल मई में तो कोलकाता के एक स्कूल द्वारा मन की बात के प्रसारण को लेकर सरकार ने फटकार भी लगाई थी। पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थो चटर्जी ने कहा कि राज्य में बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं, इसलिए इस तरह का प्रसारण नहीं किया जा सकता।
परीक्षा में बच्चों को तनाव से बचाने के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में पीएम मोदी का 12 बजे एक मोटिवेशनल स्पीच तय किया गया है।
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय ने सभी शिक्षण संस्थाओं से इस भाषण को बच्चों को सुनाने की व्यवस्था करने को कहा है। यूजीसी ने इस बारे में 8 फरवरी को ही सभी यूनिवर्सिटीज के वाइस चांसलर, कॉलेजों के प्रिंसिपल को निर्देश जारी किया है।