बाबरी मस्जिद की शहादत की 21 वीं सालाना याद के मौके पर पुराने शहर में बंद मुकम्मिल कामयाब रहा लेकिन बाज़ इश्तिआल अंगेज़ी के सबब तशद्दुद के चंद वाक़ियात पेश आए।
जबकि नए शहर में बंद का असर जुज़वी तौर पर देखा गया। ये भी एक इत्तिफ़ाक़ था कि इस साल 07 दिसमबर और जुमा एक ही दिन रहे और पुलिस इस मौके पर ज़्यादा चौकसी इख़तियार की हुई थी।
मक्का मस्जिद में नमाज़ जुमा की अदायगी के बाद पुरअमन तौर पर मकानों को वापिस लौटने वाले नौजवानों को कुछ शरपसंद अनासिर ने इश्तिआल दिलाते हुए उनकी दिला ज़री की।
बताया जाता हैके मस्जिद से मकान लौटने वाले नौजवानों की गै़रज़रूरी तौर पर पुलिस के मुखबिरों की तरफ से वीडियोग्राफी की गई जिस से नौजवान अचानक बरहम होगए और मुग़लपूरा फ़ायर स्टेशन के क़रीब पुलिस पार्टी पर अचानक संगबारी करदी जिस से वहां पर हालात कशीदा होगए।
विजय् कुमार सोनी जो पुलिस हमदरद बताया जाता है ने अपने मोबाईल फ़ोन के ज़रिये मुबय्यना तौर पर नौजवानों की खु़फ़िया वीडियोग्राफी की जिस से नौजवान बरहम होगए।
बरहम नौजवानों को मुंतशिर करने के लिए पुलिस की ख़ुसूसी पार्टियां लाठी चार्ज का इस्तेमाल करने लगी जिस के सबब नौजवानों ने तालाबकटा अस्लम फंक्शन हाल और हिदायत फंक्शन हाल के क़रीब दुबारा संगबारी की।
पुलिस नौजवानों का तआक़ुब करने लगी जिस से बरहम नौजवान मुंतशिर होगए और इसी दौरान पुलिस ने गौलीपूरा के साकन दो कमसिन नौजवानों सुहेल कादरी और महमूद कादरी को हिरासत में ले लिया।
संगबारी के वाक़ियात में 6 अफ़राद एम ए जब्बार अस्सिटेंट फ़ायर ऑफीसर मुग़लपूरा फ़ायर स्टेशन भरत राज कोर्ट अटेंडर वेंकटेश रेलवे मुलाज़िम सभ्भव घोष सी आर पी एफ़ कांस्टेबल सी एच वेंकटा श्रीनिवास कांस्टेबल ए पी एस पी ग्यारवें बटालियन और गोली पूरा के साकन ओदए कुमार ज़ख़मी होगए।
मुग़लपुरा भवानी नगर और दुसरे पुलिस स्टेशनों में संगबारी में शामिल ब्रहम नौजवानों के ख़िलाफ़ कई मुक़द्दमात दर्ज किए हैं और उनकी गिरफ़्तारी को यक़ीनी बनाने के लिए ख़ुसूसी टीमें तशकील दी गई हैं।
मुग़लपुरा पुलिस और टास्क फ़ोर्स ने दरसगाह जिहाद-ओ-शहादत के 21 कारकुनों और सदर एम ए माजिद और मोतमिद सलाह उद्दीन इर्फ़ान को उस वक़्त गिरफ़्तार करलिया जब वो रियाली की शक्ल में बाबरी मस्जिद की शहादत के एहतेजाज के लिए चारमीनार की तरफ़ बढ़ रहे थे।
पुलिस ने एहतेजाज करने वाले डी जी एस कारकुनों को मुग़लपूरा डी जी इसके दफ़्तर के क़रीब गिरफ़्तार करलिया और उन्हें कंचनबाग़ पुलिस स्टेशन मुंतक़िल क़्या।
डी जी एस कारकुनों ने सिंह परिवार आग के पुतले को भी नज़र-ए-आतिश किया और बी जे पी के सीनीयर लीडर एल के अडवानी और साबिक़ वज़ीर-ए-आज़म नरसिम्हा राव के ख़िलाफ़ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
06 दिसमबर के मौके पर पेश आए तशद्दुद के वाक़ियात के पेशे नज़र वैस्ट ज़ोन ईस्ट ज़ोन और साउथ ज़ोन में पुलिस 24 घंटे के लिए चौकस रहने का फ़ैसला किया है और हस्सास मुक़ामात पर पुलिस पिक़्टस मुतय्यन किए गए हैं और पुलिस गशत बढ़ा दी गई है।
रियासती गवर्नर ने बाबरी मस्जिद की शहादत के ख़िलाफ़ आज मजलिस बचाव तहरीक की तरफ से पेश की जाने वाली याददाश्त को कुबूल करने के लिए वक़्त नहीं दिया।
इस वाक़िये पर एमबी टी कैडर और शहर के मुसलमानों में नाराज़गी पैदा होगई। यहां ये बात भी काबुले ज़िकर है कि 06 दिसमबर 1992 को बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद से मजलिस बचाव तहरीक पाबंदी के साथ हर साल उस दिन योम-ए-स्याह मनाती है और गवर्नर को याददाश्त पेश की जाती है लेकिन ये पहला मौक़ा हैके रियासती गवर्नर ने इस ज़िमन में याददाश्त कुबूल करने के लिए एमबी टी वफ़द को वक़्त नहीं दिया।