पुलवामा में लहराये पाकिस्तानी झंडे

कश्मीर में एक बार फिर पाकिस्तानी पर्चम लहराने जैसा वाकिया से बवाल मच गया है। हाल ही में जेल से छोड़े गए अलहैदगी पसंद लीडर मसरत आलम के अगुआई में हुए एक एहतिजाजी मुज़ाहिरा में पाकिस्तानी झंडा लहराया गया। दर्जनभर लोग पाकिस्तानी झंडा लिए हुए थे और हिंदुस्तान के मुखालिफ नारे लगा रहे थे।

मसरत आलम एक तकरीब में शामिल हुए थे जहां सैयद अली शाह गिलानी का इस्तेकबाल किया जा रहा था। उन्होंने न सिर्फ पाकिस्तान का झंडा लहराया बल्कि ‘कश्मीर बनेगा पाकिस्तान, मेरी जान, मेरी जान… पाकिस्तान पाकिस्तान और हाफिज सईद का क्या पैगाम, कश्मीर बनेगा पाकिस्तान जैसे नारे लगाए।’

जुनूबी कश्मीर के पुलवामा में दहशतगर्द मुखालिफ मुहिम में एक नौजवान के क़त्ल के एहतिजाज में तराल शहर आज बंद रहा। फौज का दावा है कि मारा गया नौजवान हिजबुल मुजाहिदीन का खुफिया कारकुन था। एक पुलिस आफीसर ने बताया कि, ‘तराल शहर और आसपास के इलाकों में आज सभी दुकानें, स्कूल और तिजारती इदारे बंद रहे।’ एहतिजाज में निकाले गए मार्च में कुछ लोगों ने पाकिस्तानी झंडे हाथ में लिए हुए थे।

पुलिस आफीसर ने बताया कि हालात तनावज़दा ज़रूर है, लेकिन पुरअमन है। उन्होंने कहा कि अभी तक कोई नाखुशगवार वाकिया सामने नहीं आया है।

सैयद अली शाह गिलानी की अगुवाई वाले कट्टरपंथी हुर्रियत कांफ्रेंस ने इल्ज़ाम लगाया कि खालिद मुज़फ्फर पीर के रोज़ फौज की तरफ से फर्जी मुठभेड में मारा गया। इसके बाद तराल में बंद का ऐलान किया गया था।

फौतशुदा नौजवान के वालिद ने उनके बेटे के जिस्म पर गोलियों का कोई निशान नहीं होने की बात कही है। कश्मीर के पुलिस चीफ एस जे गिलानी ने कल कहा था कि तराल में एक दहशतगर्द समेत दो लोगों की मौत की जांच शुरु कर दी गयी है।