* अगले फैनान्स मंत्री का फ़ैसला प्रधानमंत्री के सपुर्द, बी जे पी लिडर अडवानी , सुषमा, गडकरी से प्रधानमंत्री की ताईद तलबी
नई दिल्ली / अपने सदारती (राष्ट्रपती पद का) उम्मीदवार तय किए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस के सीनीयर लिडर प्रणब मुखर्जी ने सोनीया गांधी और दुसरे यू पी ए लिडरों का इज़्ज़त बडाने के लिए शुक्रीया अदा किया और कहा कि वो उसे पूरे इन्किसार के साथ इस एज़ाज़ को क़बूल करते हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने दुसरी पार्टीयों जिनमें बी जे पी से मुखर्जी की ताईद तलब करने में ताख़ीर नहीं की। समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की तरफ से प्रणब मुखर्जी की ताईद के फ़ैसले के बाद उन्हों ने लोक सभा और राज्य सभा में बी जे पी लिडर सुषमा, अडवानी, गडकरी और अरूण जेटली से टेलीफ़ोन पर बातचीत करते हुए उन से प्रणब मुखर्जी की ताईद की ख़ाहिश की।
पुर्व राष्ट्रपती ए पी जे अबदुउल-कलाम के राष्ट्रपती पद के उम्मीदवार बनने के बारे में अभी तजस्सुस बरक़रार है, सिर्फ ममता बनर्जी उन की उम्मीदवारी पर जोर लगा रही हैं। इस से ज़ाहिर होता है कि वो मुक़ाबला करने पर राज़ी नहीं होंगे, इस तरह मुखर्जी के लिए रास्ता आसान हो जाएगा।
बी जे पी कि क़ियादत वाली एन डी ए कि आज इस से पहले मिटींग हुई, लेकिन सदारती उम्मीदवार के बारे में कोई फ़ैसला नहीं किया जा सका। खबरों के मुताबिक जनतादल (यू) अबदुल-कलाम के बारे में कुच्छ ज़हनी तहफ़्फुज़ात रखता है। एन डी ए मुक़ाबला करने का फ़ैसला करेगा या नहीं, इस का दारो मदार इस के उम्मीदवार के तय करने पर है।
दूसरे उम्मीदवार पी ए संगमा मुक़ाबला करने के लिये पुरी तरह नज़र आते हैं। उन्हों ने ये बात याद दिलाई है कि अना डी एम कि प्रमुख जय ललीता और बीजू जनतादल के प्रमुख नवीन पटनायक उन की ताईद कर रहे हैं, लेकिन उन की अपनी पार्टी एन सी पी ने एसा करने से इन्कार किया है और उन पर दबाव डाल रही है कि वो मुक़ाबले से हट जाएं, लेकिन वो सख़्ती से इन्कार कर रहे हैं।
इस के बावजूद प्रनब मुखर्जी के लिए मुक़ाबला बहुत आसान साबित होगा। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने आज रात दुबारा कहा कि वो अबदुल-कलाम की उम्मीदवारी के मौक़िफ़ पर अटल हैं। इन की अपनी पार्टी का मुस्तक़बिल यू पी ए से जुडा हुआ है। इन की बग़ावत की वजह से कांग्रेस के लिए परेशानी खड़ी होगी या नहीं, ये अभी तय नही है। यू पी ए में टी एमसी को बरक़रार खा जाएगा, या फिर ममता बनर्जी अपना भरम बरक़रार रखने ख़ुद ही यू पी ए से दुर हूजाएंगी, इस बारे में सीयासी हलक़ों में गर्मा गर्म बेहस जारी है।
अफ़्वाहों के मुताबिक कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के एकता तोड़ने में कामयाब हो गई है। प्रण्ब मुखर्जी की उम्मीदवारी के एलान के कुच्छ ही देर बाद जनरल सेक्रेटरी समाजवादी पार्टी राम गोपाल यादव ने उन की ताईद का एलान कर दिया और मुलायम सिंह यादव ने अख़बारी नुमाइंदों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इन के बहनोई ने मुखर्जी की ताईद का जो एलान किया है, वो इस से मुत्तफ़िक़ हैं, क्योंकि मुखर्जी बहुत हि तजरबाकार और काबील शख़्सियत हैं।
प्रणब मुखर्जी ने अपने तय किये जाने के बाद अगले केन्द्रीय फैनान्स मंत्री के बारे में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस का फ़ैसला प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे