प्राइवेट बैंक नहीं दे रहे हैं तालीमी क़र्ज

रांची, 16 अप्रैल:: हुकूमत-ए-हिन्द और वजीर-ए-खजाना की हिदायत के बावजूद तलबा को झारखण्ड में वकेय प्राइवेट बैंक तालीमी क़र्ज नहीं दे रही है|

इस से तलबा को परेशानी हो रही है| रियासतों में तालीमी क़र्ज में कमी को देखते हुए तमाम रियासतों के लिए तालीमी क़र्ज के लिए अलग से मक़सद मुक़र्रर किये गए| माली साल 13-2012 के इब्तेदाई नौ माह यानि दिसम्बर 2012 तक प्राइवेट बैंकों ने इन हिदायत पर अमल नही किया|

सिर्फ तीन बैंकों ने खाते खोले, फ़ेडरल बैंक और आइसीआईसीआई बैंक ने एक-एक और कर्णाटक बैंक ने दो लोगों को इस साल क़र्ज दिया है| वहीँ एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, इंडसइंड बैंक, जम्मू-कश्मीर बैंक, यश बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, साउथ इंडियन बैंक, लक्ष्मी विलास बैंक व करूर वैश्य बैंक ने एक भी तालीमी क़र्ज नहीं दिए|

हुकूमत ने इन बैंकों को 11.17 करोड़ रुपये क़र्ज़ देने का हदफ़ दिया, इस मुकाबले में सिर्फ 18.38 लाख रूपये ही क़र्ज़ दिए गए|

हुकुमती मंसूबों में भी नहीं है सिरकत : रियासत में प्राइवेट बैंक की हुकूमत की तरफ से चलाई जा रही मंसूबों में भी सिरकत नहीं है| पीएमइजीपी व सेल्फ हेल्प ग्रुप फंडिंग के मामले में तो प्राइवेट बैंकों का रिकार्ड बहुत खराब है| जराआत, कमजोर तबके, अकलियतों, ख्वातीन, एसटी एससी को क़र्ज़ देने, किसान क्रेडिट कार्ड में भी प्राइवेट बैंकों को कोई दिलचस्पी नहीं|