फ्रांस को यमन अल कायदा की धमकी और हमलों के लिए रहो तैयार

दहशतगर्द तंज़ीम अलकायदा की यमन वाके ब्रांच (एक्यूएपी) ने पेरिस के Weekly satirical magazine शार्ली एब्दो के दफ्तर और जेविश सुपर मार्केट पर हमले की तारीफ करते हुए धमकी दी है कि अगर वह मुसलमानों के खिलाफ छेडे गए जंग को बंद नहीं करता, तो उस पर और हमले होंगे। हफ्ते के रोज़ जारी किए गए एक वीडियो में ये बातें सामने आई हैं।

खबर एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्यूएपी की तरफ से ऑनलाइन पोस्ट किए गए पांच मिनट के इस वीडियो में एक्यूएपी के शरिया आफीसर हरिथ अल-नधारी ने सीधे तौर पर यह तो नहीं कहा कि इस हमले में उसके ग्रुप का हाथ है, लेकिन दोनों भाइयों सईद और शरीफ की तारीफ की जिन्हें सेक्युरिटी फोर्स ने मार गिराया गया था। उसने फ्रांस के लोगों को मुसलमानों के खिलाफ लडाई बंद करने, या सज़ा के तौर पर और हमले झेलने का इंतेबाह दिया है । साल 2009 में यमन में वजूद में आए एक्यूएपी को यहां अंसार अल-शरिया के नाम से भी जाना जाता है जो कुछ मगरिबी मुल्कों पर हमले की जिम्मेदारी ले चुका है।

एक्यूएपी ने साल 2009 में एक अमेरिकी तैय्यारे को उडाने की कोशिश का दावा किया था। इसके लिए उसने नाइजीरिया के एक हमलावर उमर फारूक अब्दुल मुतल्लिब को भेजा था, जिसे यमन में तरबियत मिली थी । साल 2009 में ही एक्यूएपी लीडर अनवर अल-अवलाकी ने निदाल मलिक हसन को शरीक किया था, जिसे बाद में टेक्सास के फोर्ट हुड में 2009 में मौत की सजा सुनाई गई थी। उसने गोलीबारी कर 13 अमेरिकी फौजियों का क़त्ल कर दिया था ।

खबर एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, चार्ली हेब्दो हमले में मुश्तबा क्वाची भाइयों में से एक शरीफ के बारे में मुकामी बीएफएमटीवी ने जुमे के रोज़ कहा था कि उसे यमन के अलकायदा ने भेजा था। शरीफ ने यह बात तब बताई, जब शुमाली मशरिकी पेरिस के डमार्टिन-एन-गोएले में एक प्रिटिंग कंपनी में यरगमाल बनाए जाने की वाकिया को अंजाम देने के दौरान बीएफएमटीवी ने उससे राबिता किया था। दूसरा हमलावर और शरीफ के भाई सईद के बारे में दावा किया गया है कि उसे यमन के अलकायदा की तरफ से तरबियत और माली मदद दी गई।

अगर इस बात की तस्दीक हो जाती है कि मगरिब में पहले कम से कम दो कोशिशों के बाद एक्यूएपी ने एक मुहिम को कामयाबी के साथ अंजाम दिया है, तो यह ग्रुप अलकायदा का सबसे खतरनाक और सरगर्म ग्रुप हो सकता है। एक ऑनलाइन मैग्जीन शुरू करने समेत एक्यूएपी मगरिब में हामियों को मुतवज्जा करने की कोशिश कर चुका है। पेरिस में जुमे के रोज़ शार्ली एब्दो के मुश्तबा हमलावरों -सईद (32) और शरीफ (34)- को एक मुहिम में मार गिराया गया।