लंदन के ज़ु में सालाना वज़न किए जाने के मौखे प्रिंट खट और शरीर जानवरों ने मुंतज़मीन की लगवा दीं दौड़ें। ज़ु में छोटे से लेकर बड़े जानवरों तक का वज़न करना बड़ा काम साबित हुआ क्योंकि बहुत से चुलबुले जानवर ने सीधे सीधे वज़न की मशीन पर चढ़ने के बजाय उसे खेल समझा और ख़ूब की उछल कूद।
पैनगुईन से लेकर ज़राफ़े तक सब ने ख़ूब ही नख़रे दिखाए और कीं शरारतें वज़न की मशीन पर चढ़ते चढ़ते। अलबत्ता कछवा एक ऐसा जानवर साबित हुआ जिस ने मुंतज़मीन को परेशान किए बगै़र वज़न करवा लिया। जानवरों की शरारतों का लुतफ़ मुंतज़मीन भी उठाया।