पटना 19 जून : गुजरात के वजीर ए आला नरेंद्र मोदी को भाजपा की इन्तेखाबी मुहीम कमेटी का चीफ बनाये जाने को लेकर राजग से जदयू के अलग होने पर भाजपा की तरफ से बिहार में मंगल को मुनाक्किद बंद के दौरान पटना में जदयू और भाजपा के कारकुनों के दरमियान आपस में टकराव के बीच बंद को कामयाब बनाने के लिए सड़क पर उतरे भाजपा के कई सीनियर लीडर समेत कुल 3227 लोगों को हिरासत में लिया गया। जदयू की तरफ से ताल्लुक तोड़ने और उसके 11 वजरा को काबिना से हटाए जाने से नाराज भाजपा ने इस दिन को “विश्वासघात दिवस” मनाने के साथ बिहार में बंद का एलान किया था।
बंद के दौरान पटना समेत रियासत के मुख्तलिफ अज़ला में आम ज़िन्दगी के मुतासिर होने के साथ कई मुकामात पर ट्रेन सर्विस के रुकावट होने की इत्तेला मौसुल हुई। पटना के वीरचंद पटेल रास्ते पर वाक़ेय भाजपा के रियासत दफ्टर से निकले पार्टी कारकुन के गुजरात के वजीर ए आला नरेंद्र मोदी के हक में और बिहार के वजीर ए आला नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी किए जाने से भाजपा और जदयू कर्कुनान के एक-दूसरे पर लाठी-डंडे चलाने से दोनों पार्टियों के कई कारकुन जख्मी हो गए।
भाजपा के बंद के मुखालफत में सड़क पर उतरे जदयू तर्जुमान राजीव रंजन ने भाजपा कारकुन पर उनके उपर जानलेवा हमला करने का इलज़ाम लगाते हुए उनके खिलाफ पटना के कोतवाली थाना में सनाह दर्ज करायी गयी है। भाजपा कारकुनों की तरफ से किए गए हमले में जख्मी रंजन को इलाज के पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बंद को कामयाब बनाने के लिए भाजपा के कौमी तर्जुमान रवि शंकर प्रसाद, सैयद शाहनवाज हुसैन, पार्टी जनरल सेक्रेटरी राजीव प्रताप रुड़ी, नायब सदर डा. सी पी ठाकुर, रियासत में राजग के साबिक़ कन्वेनर नंदकिशोर यादव, पार्टी के रियासती सदर मंगल पांडे, एमपी राधामोहन सिंह के सड़क पर उतरे। साबिक़ नायब वजीर ए आला सुशील कुमार मोदी ने हिरासत में लिए जाने के पहले जदयू कारकुनों की तरफ से भाजपा कायदीनों और कारकुनों पर किए गए हमले को जदयू कारकुनों की मायूसी और हताशा का इशारा बताया।
उन्होंने दावा किया कि इस हमले में भाजपा की एक अकलियती खातून लीडर समेत पार्टी के कई दीगर कारकुनों के जख्मी होने का जदयू को इसका नतीजा उन्हें भुगतना पडेगा। भाजपा के बंद को लेकर रियासत के वजीर ए आला नीतीश कुमार के बयान के बारे में पूछे जाने पर मोदी ने कहा कि जिस तरह का उन्होंने धोखा दिया है उसका यह इनक्शाफ है। बिहार के अपर पुलिस डायरेक्टर (कानून -नेजाम) एस के भारद्वाज ने बताया कि भाजपा के सीनियर लीडरों के साथ बंद के दौरान कुल 3327 लोगों को हिरासत में लिया गया।
बंद के दौरान बैंक और सरकारी दफ्तर हालांकि खुले रहे पर सडकों पर गाड़ियों का कम होने के साथ ज़्यादातर दुकानें बंद रही।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी सडकों पर इसलिए उतरी क्योंकि नीतीश कुमार के इत्तेहाद तोडने से बिहार की अवाम अपने को बे इज्ज़त और उनके साथ धोखा मानती है। रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हम सरकार बहुत अच्छे से चला रहे थे पर अचानक अहंकार की वज़ह आपने इत्तेहाद तोड़ दिया।