बीजेपी को लगता है कि मंदिरों पर सिर्फ उसी का एकाधिकार है, वो हर चीज पर अपना एकाधिकार चाहती है : राहुल गांधी

नई दिल्ली : हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2018 में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि, मेरा मंदिर जाना ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ नहीं है। पर इससे भाजपा को परेशानी होती है। भाजपा हर चीज पर अपना एकाधिकार चाहती है। मैं तो पिछले 16 सालों से मंदिर, गुरुद्वारा और मसजिद जा रहा हूं। पर गुजरात चुनाव से यह संकेत गया कि मैं सिर्फ मंदिर जा रहा हूं। यह बात मुझे अभी तक समझ नहीं आई कि मैं मंदिर, गुरुद्वारा, मसजिद और गिरजाघर क्यों नहीं जा सकता। हिंदू धर्म और हिंदुत्व में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म एक दर्शन है जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है।

आरएसएस पर बार-बार हमला किए जाने से जुड़े एक सवाल पर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक तरह से वैचारिक युद्ध चल रहा है। भाजपा की विचारधारा को आरएसएस परिभाषित करता है। भाजपा जिन मुख्य विचारों को लेकर लड़ रही है, वह आरएसएस के विचार हैं। दूसरी तरफ, कई नजरिए आरएसएस के खिलाफ लड़ रहे हैं और कांग्रेस इसका वैचारिक केंद्र हैं। राहुल ने कहा कि कांग्रेस खुद एक विचारधारा है। वह सबको जोड़ने, संवाद करने और सभी को साथ लेकर चलने की है। यह विचार अब तक सफल रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी को आरएसएस की तरह कैडर वाली पार्टी बनाने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी आरएसएस की तरह कैडर नहीं बना सकती और उसे बनाना भी नहीं चाहिए। आरएसएस की कैडर व्यवस्था का मकसद संस्थाओं पर कब्जा करना है। हम ऐसा नहीं चाहते। हम चाहें भी तो ऐसा नहीं कर सकते, क्योंकि हमारा विचार ऐसा नहीं है। कांग्रेस सभी संस्थाओं को स्वतंत्र रखना चाहती हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि लोकसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के साथ गठबंधन हो सकता है। ‘हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2018’ में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मध्य प्रदेश में बसपा के गठबंधन नहीं करने से कोई असर नहीं पड़ेगा, अगर गठबंधन होता तो बेहतर था। उन्होंने उम्मीद जताई कि मप्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के चुनाव में कांग्रेस जीत दर्ज करेगी। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में गठबंधन में फर्क बताते हुए उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चुनाव में विपक्षी पार्टियां साथ आएंगी, खासकर उत्तर प्रदेश में आएंगी।

राहुल गांधी ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद अगर सहयोगी दल चाहेंगे, तो वह प्रधानमंत्री बन सकते हैं। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को अधिक सीट मिलने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने यह फैसला किया है कि चुनाव में दो चरण की प्रक्रिया होगी। पहले चरण में हम मिलकर भाजपा को हराएंगे। चुनाव के बाद दूसरे चरण में प्रधानमंत्री के बारे में फैसला करेंगे। यह सवाल किए जाने पर अगर सहयोगी दल उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहेंगे तो उनका क्या रुख होगा, कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि तब वह निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री बनेंगे।

जब उनसे पूछा गया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई को वह कौन से तीन काम करेगी। उन्होंने कहा कि सबसे पहले छोटे और मझोले उद्योग को मजबूती प्रदान करुंगा। किसानों को यह यकीन दिलाऊंगा कि आप महत्वपूर्ण है। तीसरा काम वह उच्च स्तरीय मेडिकल और शिक्षा का इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने का करेंगे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि इस वक्त सबसे बड़ी समस्या बढ़ती बेरोजगारी है। सरकार युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया कराने में नाकाम रही है। वहीं, किसान परेशान है। अपनी फसलों के सही दाम के लिए उसे आंदोलन करना पड़ रहा है। सरकार को इन दोनों विषयों पर ध्यान देना चाहिए। साथ उन्होंने गलत तरीके से जीएसटी लागू करने और नोटबंदी को लेकर भी सरकार को घेरा।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ मुद्दों पर पूर्ववर्ती यूपीए सरकार को भी घेरा। उन्होंने कहा कि एम्स एक वक्त में जरूरी था। पर इस वक्त एम्स बनाने से ज्यादा नई और अपग्रेड तकनीक का इस्तेमाल करना जरूरी है। अस्पतालों का अपग्रेडेशन न करने को लेकर उन्होंने अपनी सरकार की भी आलोचना की।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी मां और यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी मां से बहुत कुछ सीखा है। उनसे धैर्य रखना सीखा है। राहुल ने कहा, मैं पहले बहुत ज्यादा धैर्यवान नहीं था, पर मेरी मां ने मुझे धैर्य सिखाया है। राहुल गांधी जिस वक्त बात कर रहे थे, उस वक्त सोनिया गांधी भी उन्हें सुन रही थीं। जब राहुल से पूछा गया कि क्या उनकी जिंदगी में कोई खास इंसान भी है, तो एक बार फिर राहुल ने मुस्कुरा कर जवाब दिया- ‘मेरी जिंदगी में बहुत से खास लोग हैं।’