बुनियाद परस्त बर्तानवी मुसलमान मुबल्लिग़ पर दहशतगर्दी का मुक़द्दमा

अंजुम चौधरी और उन के साथ मुहम्मद मीज़ान उर्रहमान को बर्तानिया में दहशतगर्दी के इल्ज़ामात का सामना है। इन के मुक़द्दमे की कार्रवाई की इबतिदाई समाअत बारह जनवरी से शुरू किए जाने का इमकान है।

अंजुम चौधरी पर इल्ज़ाम है कि उन्होंने उनत्तीस जून 2014 से लेकर सोला मार्च सन 2015 तक सोशल मीडीया पर इराक़ और शाम में सरगर्म इस्लामिक स्टेट के वजूद को जायज़ क़रार देते हुए मुख़्तलिफ़ मुल्कों के मुसलमानों को तलक़ीन और नसीहत की कि वो इराक़ और शाम में क़ायम होने वाली ख़िलाफ़त की इताअत करते हुए सफ़र अख़तियार करें और वहां पहुंच कर उस की कार्यवाईयों में अमली तौर पर शरीक हों।

गुज़िश्ता बरस दहशतगर्दी के इल्ज़ामात के तनाज़ुर मंम अंजुम चौधरी ने उन्हें सियासी क़रार देते हुए कहा कि ये मुसलमानों की आवाज़ को ख़ामोश करने की एक कोशिश है और वो अदालत में लगाए गए इल्ज़ामात का दिफ़ा करेंगे।

इन के मुक़द्दमे की इबतिदाई समाअत के लिए ग्यारह जनवरी की तारीख़ मुक़र्रर है। इस तारीख़ पर अदालत उन की ज़मानत की दरख़ास्त पर भी फ़ैसला दे सकती है। इस मुक़द्दमे में वकीले इस्तिग़ासा जैकब हेलम हैं और अंजुम चौधरी का दिफ़ा बिलीने ग्रैले कर रही हैं।