ब्यास नदी हादिसा: सूखी ब्यास ने भी किया मायूस

ब्यास नदी में अब तक के सबसे बड़े सर्च ऑपरेशन में हफ्ते के रोज़ कोई कामयाबी न मिलने से वालिदैन में मायूसी है। राहत और बचाव दल एजेंसियों के हाथ सूखी ब्यास में भी खाली ही रहे। पार्वती व लारजी बांध का पानी पूरी तरह बंद कर ब्यास नदी को सुखाने के बाद थलौट से लेकर लारजी पावर हाउस के टेल रेस तक करीब साढ़े तीन किलोमीटर के इलाको‍ में जबरदस्त तलाशी मुहिम शुरू हुआ, लेकिन लापता स्टूडेंट्स का सुराग नहीं लगा। मुहिम के दौरान आंध्रप्रदेश के एक आला आफीसर बेहोश हो गए।

लापता स्टूउडेंट्स की तलाश के लिए हफ्ते के रोज़ लारजी और पार्वती बांध का पानी करीब एक घंटे तक बंद कर दिया गया। तीन-चार किलोमीटर के दायरे में राफ्ट, गोताखोर व दिगर जवानों ने खोज मुहिम चलायी। मुहिम तकरीबन ढाई घंटे तक चली। अब आखिरी उम्मीद मल्टीबीम ईको साउंडर पर टिकी है।

पानी में सोनोग्राफी करने वाली मशीन हफ्ते की शाम पंडोह पहुंच गई है। आज ( इतवार) को इससे पंडोह ज़खीरा की सोनोग्राफी कर लाशों का सुराग लगाने की कोशिश होगी।

हफ्ते की सुबह से ही कई वालिदैन की निगाह सर्च ऑपरेशन पर लगी रही, लेकिन इस मुहिम की नाकामयाबी ने उन्हें तोड़ कर रख दिया है। इस दौरान देही तरक्कियाती के वज़ीर अनिल शर्मा, एमपी रामस्वरूप शर्मा और एमएलए जयराम ठाकुर भी मौजूद रहे।

हफ्ते की देर शाम इत्तेला मिली कि तेलंगाना के डिप्टी सीएम चिन्ना राजअप्पा भी मंडी पहुंच गए हैं।