मुंबई: मालेगांव ब्लास्ट मामले में एक सनसनीखेज़ ख़ुलासा हुआ है, पुलिस द्वरा फ़रार क़रार दिए इस मामले के दो मुख्य आरोपी, रामजी कलसांगरा और संदीप डांगे को महाराष्ट्र के एटीएस ने ही मारा था। इन दोनों को ही अभी तक लापता माना जा रहा था।
एक न्यूज चैनल से बातचीत में निलंबित इंस्पेक्टर मेहबूब मुजावर ने बताया कि रामजी उर्फ रामचंद्र कलसांगरा और संदीप को एटीएस अभी भी वांटेड बता रही है, लेकिन वे बीते 19 अगस्त को सोलापुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में इस बात के प्रमाण दे चुके हैं कि ये दोनों एटीएस द्वारा मारे जा चुके हैं। अधिकारी ने कोर्ट को दिए शपथ पत्र में सनसनीखेज खुलासा किया है।
एक जानकारी के मुताबिक एटीएस ने डांगे और कलसांगरा को एनकाउंटर में मारा, जबकि एक अन्य जानकारी के मुताबिक इन दोनों की मौत एटीएस की कस्टडी में हुई। इन दोनों को ही इंदौर से पकड़ा गया था।
निलंबित पुलिस इंस्पेक्टर मेहबूब मुजाबर ने दावा किया है कि एटीएस अभी तक डांगे और कलसांगरा को वांछित और फरार बताती रही है, जबकि हकीकत में 26 दिसंबर 2008 में ही दोनों की मौत हो चुकी है और दोनों की लाश को 26/11 मुंबई हमले का अज्ञात पीड़ित बताकर ठिकाने भी लगा दिया गया है। मेहबूब के इस खुलासे से हड़कंप मच गया है।