मुंबई: बंबई हाइकोर्ट में आज एक और दरख़ास्त पेश की गई जिस में महाराष्ट्र तहफ़्फ़ुज़ मोय श्यान ( तरमीमी ) क़ानून के तहत रियासत में बैल और भैंस के ज़बीहा और उनका गोश्त रखने-ओ-इस्तेमाल करने पर आइद पाबंदी को चैलेंज किया गया है।
दरख़ास्त गुज़ार शेख ज़ाहिद महतार ने जो थाने का साकिन है अदालत से इस्तिदा की है कि रियासत में बैल और भैंस के ज़बीहा की इजाज़त दी जाये और इस तरमीमी क़ानून को गैर दस्तूरी क़रार दिया जाये। इस मुतनाज़ा इमतिना को चैलेंज करनेवाली दो दरख़्वास्तें पहले ही हाइकोर्ट में ज़ेरे इलतिवा हैं।
वकील फीरोज़ अंसारी ने जस्टिस ए एस अविका और जस्टिस रेवती मोहीते दैरे पर मुश्तमिल एक बेंच के रूबरू ये दरख़ास्त पेश की। उन्हों ने अदालत से ख़ाहिश की कि चूँकि अब ईद-उल-अज़हा आने वाली है इस लिए दरख़ास्त पर जल्द समात होनी चाहिए।