भगवा सरकार का काला कानून: शामली मामले में पकड़े बजरंग दल लीडर को छोड़ने का हुक्म।

मुजफ्फरनगर: ‘अंधेर नगरी, चौपट राजा’ कहावत है तो बहुत पुरानी लेकिन आज के दिन में भी देश की केंद्र सरकार पर पूरी तरह खरी उतरती है। देश का राजा जिसके पैर आसमान में और रिमोट कंट्रोल किसी और के हाथ में है की सरकार ने आज एक ऐसा देश विरोधी फैसला लिया है जिससे साफ़ हो जाता है कि सरकार को गुंडों की जरुरत जेल के अंदर नहीं जेल के बाहर है।

यकीन न आये तो खुद ही जान लीजिये, खबर मिली है कि केंद्र सरकार ने मुजफ्फरनगर के शामली में हुई एक घटना जिसमें रियाज़ नाम के एक मुसलमान को यहाँ के बजरंग दल के लीडर विवेक प्रेमी ने बुरी तरह से पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था के मामले में दोषी विवेक प्रेमी को “जल्द से जल्द” छोड़ने का हुक्म दिया है।

आपको बता दें कि शामली में पिछले साल २५ जून के दिन बजरंग दल के लोगों ने रिआज़ नाम के एक मुस्लिम को गाय का बछड़ा चोरी करने का इलज़ाम लगा कर शरेआम पीटा था। इस मामले में पुलिस ने विवेक प्रेमी के साथ पांच और बजरंग दलियों पर केस दर्ज किया था  जिसके बाद से विवेक मुजफ्फरनगर की जेल में बंद था। इस सब के बाद बीजेपी, आरएसएस और विहिप के लोगों ने धरना देकर विवेक को छोड़ने की मांग की थी। विवेक पर इस केस में नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया था जिस पर केंद्र सरकार ने एक बयान के जरिये कहा है कि केस के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार विवेक नेशनल सिक्योरिटी एक्ट 1980 के तहत सेक्शन 14(1) पर लगायी पाबंदियों को ख़ारिज करती है। उसे जेल से जल्द से जल्द रिहा किया जाये और उसकी हरकतों पर नज़र रखी जाये।

गौरतलब है कि आने वाले वक़्त में सरकार राम मंदिर मुद्दे पर भी एक बड़ा मोर्चा तैयारी में है ऐसे में उसे बजरंग दल, आरएसएस और विहिप जैसे संगठनों के काबिल नेताओं की जरुरत पड़ने वाली है।