भारत की सर्जिकल स्ट्राइक नीति को मिला यूरोपीय संसद के उपाध्य्क्ष का समर्थन

लंदन: उरी हमलों के बाद भारत की और से जवाबी कार्यवाई करते हुए जिस तरह से सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया है उसकी गूँज पूरी दुनिया में है।

एक तरफ जहाँ इस ऑपरेशन से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और उसकी तरफ से भारत विरोधी बयानबाज़ी आज भी जारी है तो दूसरी तरफ दुनिया के कई देश भारत के इस कदम का समर्थन भी कर रहे हैं। इसी समर्थन के चलते यूरोपीय संसद के उपाध्य्क्ष रिजार्ड जारनेकी ने एक ब्यान देते हुए कहा है कि पीओके में आतंकियों के खिलाफ भारत द्वारा की गई ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की अंतरराष्ट्रीय समुदाय को तारीफ़ करनी चाहिए और इसका समर्थन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ लड़ाई में भारत को दुनियाभर का समर्थन मिलना चाहिए।

भारत के रुख की तारीफ़ करते हुए जारनेकी ने कहा, “भारत ने साफ संकेत दिया है कि ये हमले उसने अपने पडोसी देश पाकिस्तान के खिलाफ नहीं बल्कि इलाके की शांति और स्थिरता के लिए खतरा बन चुके आतंकी समूहों के खिलाफ किए हैं। पाकिस्तान से पैदा हो रहे इन आतंकियों के खिलाफ लड़ाई में भारत को दुनिया भर से समर्थन मिलना चाहिए वरना ये आतंकी जो आज कश्मीर में आतंक का खेल खेल रहे हैं वो जल्द ही यूरोपियन और पश्चिमी देशों को निशाना बनाएंगे। पाकिस्तान को उसकी सरहद के अंदर बने आतंकी नेटवर्कों को खत्म करने का दबाव बनाना भी जरूरी है।”