इस्लामाबाद: रविवार को ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ के मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि कश्मीर मुद्दा विभाजन का अधूरा एजेंडा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विवाद का सबसे पुराना मुद्दा है. जनसत्ता के मुताबिक, उनहोंने कहा कि भारत पाकिस्तान के अशांति का मुख्य कारण ‘कश्मीर’ है. इसे हल किये बिना यहाँ शांति और लोगों की समृद्धि के सपने को साकार करना आसान नहीं रहेगा.
पीएम ने कहा कि कश्मीर एकजुटता दिवस को मनाने के लिए अपने कश्मीरी भाइयों और बहनों के साथ पाकिस्तान के लोग शामिल हुए हैं, जो कश्मीरी लोगों के बुनियादी मानवाधिकारों, खासतौर पर ‘संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कई प्रस्तावों के जरिए स्थापित आत्म निर्णय के अधिकार के लिए उनके कानूनी संघर्ष को हमारे नैतिक, राजनयिक और राजनीतिक समर्थन की पुष्टि करता है.
वहीँ उनहोंने कहा कि भारतीय सेनाओं द्वारा कश्मीर के बेकसूर लोगों की निर्मम हत्याओं की पाकिस्तान सरकार घोर निंदा करता है. भारत की इन सभी ज्यादतियों के बावजूद कश्मीरी लोगों को भारत के दमन से उनकी आजादी के लक्ष्य से रोक पाने में असफल हुई हैं.
इसके अलावा उनहोंने कहा कि ‘जम्मू कश्मीर पाकिस्तान और भारत की मुख्य विवाद है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के अनुसार इस मुद्दे को हल किए बिना शांति और क्षेत्र के लोगों की समृद्धि का मुद्दा अधूरा रहेगा. ‘हम भारत से आग्रह करते है कि कश्मीर में खूनखराबा रोके और संयुक्त राष्ट्र की देखरेख में निष्पक्ष जनमत संग्रह कराने की इजाजत दे.
साथ ही उन्हूने यह भी कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय समुदाय का आह्वान करता है कि वह कश्मीर में भारतीय सेनाओं द्वारा किए जा रहे ‘मानवाधिकारों के गंभीर