भोपाल में अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए शुरू हुआ ‘चार समाज’ आंदोलन

भोपाल। मध्य प्रदेश में अल्पसंख्यक, ओबीसी, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारों को लेकर पहली बार एक नया मोर्चा तैयार किया गया है। मोर्चे का उद्देश्य उन क्षेत्रों में राजनीतिक चेतना पैदा करते हुए समाज को विकास की राह पर आगे ले जाना है।

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सईदुल्लाह खान की चार समाज के नाम से आंदोलन की शुरुआत में उन्हें सभी वर्गों का सहयोग प्राप्त होता दिखाई दे रहा है जो अगर आगे भी ऐसे ही जारी रहा तो आने वाले चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के लिए परेशानी जरूर बढ़ी होंगी।
मध्य प्रदेश का गठन 1956 में हुआ था। यह एक ऐसा राज्य है जहां आदिवासी, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी और अल्पसंख्यक वर्गों के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। अगर मध्य प्रदेश की कुल आबादी की बात की जाए तो इन वर्गों की कुल आबादी लगभग 75 प्रतिशत होती है लेकिन इसका दूसरा सच यह है कि सामाजिक और शैक्षिक रूप से इन क्षेत्रों में जागरूकता न होने और शिक्षा की कमी के कारण विधानसभा और संसद में इन क्षेत्रों की आबादी बनाम रह गई है। इन वर्गों को सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक रूप से संगठित करने और अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता सईद ख़ान के नेतृत्व में चार समाज के नाम से एक नया मोर्चा तैयार किया गया है जो समाज में शैक्षिक, सामाजिक जागरूकता पैदा करने के साथ उन्हें राजनीतिक रूप से भी जागरूक करेगा ताकि वे अपने वोट की ताकत को पहचान सकें और अपने अधिकार के लिए आगे बढ़ सकें।