मआशी इस्लाहात लाने यू पी ए हुकूमत का फैसला सयासी हर्बा

हलीफ़ पार्टियों के दबाव‌ और बदउनवानीयों के इल्ज़ामात से अवाम की तवज्जु हटाने की कोशिश बी जे पी का रद्द-ए-अमल
यू पी ए हुकूमत ने मल्टी ब्रांड रीटेल शोबा में बैरूनी रास्त सरमाया कारी ( एफ डी आई) की इजाज़त देने के फैसला का ऐलान किया है तो बी जे पी ने उसे अवाम की तवज्जु अहम मसाइल से हटाने का एक हर्बा क़रार दिया है। कांग्रेस ने बी जे पी के इस दावे को मुस्तर्द कर दिया और कहा कि आलमी मईशत में कसादबाज़ारी से ये क़दम उठाने में ताख़ीर हुई है।

यहां अमेरीकी हिंदूस्तानी बिज़नस कौंसल की जानिब से मुनाक़िदा एक मुशतर्का इजलास में बी जे पी के तर्जुमान राजीव प्रताप रूदी ने अपने कांग्रेस हम मंसब मनीष तय वारी के साथ मुबाहिस में हिस्सा लिया । रूदी का कहना था कि अगर वो लोग (यू पी ए हुकूमत) इस्लाहात लाना चाहते थे तो उन्हें ये काम बहुत पहले ही करना चाहीए था यह सिर्फ ये काम बहुत पहले ही करसकते थे । इस के जवाब में मनीष तय वारी ने कहा कि कांग्रेस ने हालात का जायज़ा लेने के बाद ही फैसला किया है।

बी जे पी तर्जुमान का कहना है कि पार्ल्यमंट में मुवाफ़िक़ अक्सरियत रखते हुए यू पी ए हुकूमत ने इन तमाम बरसों में इस्लाहात का अमल नहीं किया। अगर वो चाहती तो रीटेल शोबा में एफ डी आई के बेहतरी इस्लाहात का क़दम उठा सकती थी । उन्हों ने कहा कि इस्लाहात का क़दम इस लिए नहीं उठाया गया कीवनका वो लोग इक़तिदार पर तवील मुद्दत तक रहना चाहते थे। रूदी ने इल्ज़ाम आइद किया कि हक़ीक़त तो ये है कि आज हुकूमत हर गोशे से तन्क़ीद का सामना कर रही है इस पर बदउनवानीयों के इल्ज़ाम में इस लिए वो अवाम की तवज्जु इन इल्ज़ामात से हटाना चाहती है।

अब ये हुकूमत समझ बूझ खो चुकी है । उसे ये नहीं मालूम होरहा है कि मुल्क को क्या ज़रूरत है ये लोग हुकूमत चलाने का जज़बा खो चुके हैं। बी जे पी और कांग्रेस दोनों पार्टियों के तर्जुमान अमरीका में हैं। रूदी को हुकूमत अमेरीका ने मदऊ किया है ताकि दोनों मुल्कों के दरमियान दिफ़ाई ताल्लुक़ात पर हिंदूस्तानी सयासी क़ियादत को हमनवा बनासके। प्रताप रूदी ने कहा कि हुकूमत ने ये इस्लाहात का काम इस लिए नहीं किया कीवनका हलीफ़ पार्टियों ने एसा करने की इजाज़त नहीं दी थी ।

ये हमारा क़सूर नहीं है। हम ने इस की मुख़ालिफ़त भी की तो वो अपने आप इस्लाहात का काम अंजाम देते थे । इस बात को तस्लीम करते हुए मख़लूत इत्तिहाद का धर्म निभाने केलिए हुकूमत ने काम अंजाम दीए हैं। मआशी इस्लाहात का दूसरा मरहला शुरू करने में ताख़ीर केलिए भी यही मख़लूत इत्तिहाद का धर्म हाइल था । मनीष तय वारी ने ज़ोर दे कर कहा कि इस्लाहात का अमल शुरू करने में ताख़ीर की असल वजह आलमी मआशी सुस्त रफ़्तारी थी ।

उन्हों ने नोट किया कि आलमी मआशी सुस्त रफ़्तारी के ख़ातमा के फ़ौरी बाद हम को हालात का जायज़ा लेने और ख़ुद एहतिसाबी की ज़रूरत थी।हम गुज़श्ता तीन साल से इस बात का इंतिज़ार कर रहे थे इस सिलसिला में एहतियात से काम लिया गया।