मक्का मस्जिद के अहाता में कचरा का ढेर

हैदराबाद 8 जुलाई (नुमाइंदा ख़ुसूसी) माह रमज़ानुल मुबारक की आमद आमद है। हुकूमत ने इस माह मुक़द्दस में बेहतर इंतिज़ामात के लिए 2.5 करोड़ रुपये की मंज़ूरी का ऐलान किया है लेकिन शहर में जाबजा कूड़ा क्रकट के जो ढेर नज़र आरहे हैं इस से लगता है कि सरकारी सतह पर रमज़ानुल-मुबारक की तैय्यारीयां नहीं की जा रही हैं।

जहां तक कूड़ा क्रकट के ढेर का सवाल है शहर की सड़कों पर ही नज़र नहीं आरहे हैं बल्कि आप को ये जान कर हैरत होगी कि तारीख़ी मक्का मस्जिद के अहाता में भी कचरा का अंबार पड़ा हुआ है। तस्वीर में आप देख सकते हैं कि किस तरह कूड़ेदान से कचरा निकल कर बिखर गया है।

मुहाजिरीन कैंप की जानिब से आने वाले मुस्लियों को कूड़ा क्रकट के बाइस शदीद मुश्किलात का सामना करना पड़ रहा है। हम ने देखा कि ताफ़्फ़ुन की वजह से मुसल्ली अपनी नाकों पर दस्तीयाँ रखे मस्जिद में दाख़िल होरहे थे।

अवाम इस बात पर हैरत का इज़हार कर रहे हैं कि इस तारीख़ी मस्जिद की हालत-ए-ज़ार पर वज़ीर-ए-क़लीयती बहबूद-ओ-औक़ाफ़ को किसी किस्म की फ़िक्र लाहक़ नहीं है। हालाँकि अब रमज़ान उल-मुबारक की आमद के दो दिन ही बाक़ी रह गए हैं।

बाअज़ लोग इन क़ाइदीन पर भी अफ़सोस का इज़हार किया जो मसाजिद के बारे में बड़ी बड़ी बातें करते हैं, वहां ठहर कर तसावीर खिंचवाने में आगे आगे रहते हैं लेकिन मस्जिद में कूड़ा क्रकट के अंबार और नाक़िस इंतिज़ामात उन्हें दिखाई नहीं देते।