वजीरे आला हेमंत सोरेन अपनी हुकूमत की पहली बरसी पर मदरसों और संस्कृत स्कूलों को ग्रांट देने की ऐलान करेंगे। इसके लिए कागजी अमल पूरी कर ली गयी है। ग्रांट दस्तूरुल अमल में तरमीम किया गया है। हुकूमत ने फिलहाल रियासत के 15 संस्कृत स्कूलों और छह मदरसों को मंजूरी देने का हुक्म जारी कर दिया है।
24 मदरसा और 18 संस्कृत स्कूल को मंजूरी देने की कार्रवाई की जा रही है। हुकूमत प्राइमरी-अपर प्राइमरी सतह के मदरसों और संस्कृत स्कूलों के लिए 7,500 से 15 हजार रुपये फी माह ग्रांट देगी। हाइस्कूल सतह के मदरसों और संस्कृत स्कूलों को तालिबे इल्म की नंबर की बुनियाद पर 15 से 30 हजार रुपये तक फी माह ग्रांट मिलेगा।
इंटर आर्ट्स सतह के मदरसों और संस्कृत स्कूलों को तालिबे इल्म की तादाद की बुनियाद पर 35 हजार से एक लाख और इंटर साइंस सतह के स्कूलों को 50 हजार से 1.25 लाख रुपये फी माह ग्रांट दिया जायेगा।
मदरसों और संस्कृत स्कूलों के लिए मुकर्रर तालिबे इल्म नंबर और ग्रांट का तफ़सीलात
तालिबे इल्म तादाद स्कूल की सतह ज़्यादा से ज़्यादा ग्रांट (रु में)
30-75 प्राइमरी-अपर प्राइमरी 7,500
76-150 प्राइमरी-अपर प्राइमरी 10,000
151-300 प्राइमरी-अपर प्राइमरी 15,000
30-75 हाइ स्कूल 15,000
76-150 हाइ स्कूल 20,000
151-300 हाइ स्कूल 30,000
30-75 इंटर-आर्ट्स 35,000
76-150 इंटर-आर्ट्स 45,000
151-300 इंटर-आर्ट्स 60,000
300 से अधिक इंटर-आर्ट्स 1,00000
30-75 इंटर-साइंस 50,000
76-150 इंटर-साइंस 63,000
151-300 इंटर-साइंस 75,000
300 से अधिक इंटर-साइंस 1,25,000
क्या हैं शर्ते
मदरसा और संस्कृत स्कूल तस्लीम हासिल हों
इनमें शर्त के साथ कम अज़ कम 30 तालिबे इल्म होने चाहिए। हालांकि ग्रांट दस्तूरुल अमल में कम अज़ कम तालिबे इल्म की तादाद 150 है
दूसरी बार ग्रांट हासिल करने के लिए इन अदारों को कम अज़ कम 30 तालिबे इल्म बढ़ाने होंगे