चेन्नई : मद्रास हाईकोर्ट ने संघ को रैली के दौरान स्वयंसेवकों को फुल पैंट पहनने का आदेश दिया है।
जनसत्ता की एक ख़बर के मुताबिक़, 9 अक्टूबर को तमिलनाडु के महान संत रामानुज की 1000वीं जयंती है | इस अवसर पर आरएसएस की तमिलनाडु प्रदेश के 14 शहरों में रैलियां करने की योजना है। इन रैलियों के लिए संघ को प्रशासन से इजाज़त नहीं मिली थी | जिसके बाद संघ ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था |
हाईकोर्ट ने संघ को रैली की इजाजत देते हुए कहा कि रैलियों में किसी तरह का गैरकानूनी काम नहीं होने चाहिए| साथ ही ये भी कहा गया कि ऐसी नारेबाजी नहीं होनी चाहिए जिससे माहौल ख़राब हो | रैलियों में शामिल होने वाले स्वयंसेवक हॉफ की जगह फुल पैंट पहनकर आएं। कोर्ट ने कहा कि विजयादशमी और डॉ. अंबेडकर की 125वीं जयंती के मौके पर रैली नहीं निकाली जाए | राज्य में निकाय चुनाव के मद्देनज़र रैलियां अक्टूबर की बजाय नबंवर 6 या 13 को निकाली जाएं। संघ के कार्यकर्ताओं की सफेद शर्ट और खाकी हॉफ पैंट वाली ड्रेस राज्य पुलिस की ट्रेनिंग के दौरान पहनी जाने वाली ड्रेस से काफी मिलती-जुलती है। आरएसएस ने इसी साल अपनी ड्रेस में बदलाव करने का निर्णय लिया था |