अमरीका की एक मुमताज़ रोज़नामा वाशिंगटन पोस्ट ने, जिस ने आज वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) मनमोहन सिंह पर सख़्त तन्क़ीद करता हुवा एक मज़मून (लेख) शाय (प्रकाशित ) किया है, अपनी रिपोर्ट को मुतवाज़िन बनाने के लिए वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) का ब्यान छापने की पेशकश की है।
यहां वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) के दफ़्तर (पी एम ओ) के ज़राए ने बताया कि सच तो ये है कि इस अख़बार के मुताल्लिक़ा नामा निगार ने वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) से इंटरव्यू के लिए वक़्त मांगा था जिसे बताया गया कि पार्लियामेंट के रवां मानसून इजलास के बाद ही इन का इंटरव्यू मुम्किन हो सकेगा।
ज़राए ने कहा कि लेकिन आज वाशिंगटन पोस्ट में वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) पर कड़ी तन्क़ीद करता हो ये मज़मून (लेख) शाय (प्रकाशित ) हुआ तो पी एम ओ ने इस अख़बार के दफ़्तर से राबिता क़ायम किया। इस अख़बार ने एक मज़मून (लेख) में जिस का उनवान है हिंदुस्तान का ख़ामोश वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) एक अलमनाक हस्ती बनता हुआ।
इस मज़मून (लेख) में कहा गया है कि मनमोहन सिंह हुकूमत को जिद्दत, ख़ुशहाली और ताक़त की राह पर लगाने में मदद की मगर उन के नाक़िदीन कहते हैं कि ये शर्मीला, नरम गुफ़तार 79 साला लीडर तारीख़ में नाकाम वज़ीर-ए-आज़म (प्रधान मंत्री) की हैसियत से याद किए जाने के ख़तरा से दो-चार है।