मनासिक हज का आग़ाज़, आज वक़ूफ़ अर्फ़ात

वादी मिना 11 सितम्बर: दुनिया-भर के ज़ाइद अज़ 150 मुल्कों से आने वाले लाखों आज़मीने हज्ज वादी मिना पहूंच चुके हैं। तमाम आज़मीन वादी मिना से 14.4 किलोमीटर दूर मैदान अर्फ़ात रवाना होंगे जहां मनासिक हज का अहम रुकन वक़ूफ़ अर्फ़ात होगा।

एशिया, अफ़्रीक़ा और दुसरे ममालिक के आज़मीन उस वक़्त वादी मिना में अपने ख़ेमों में इबादत-ओ-ज़िक्र-ओ-अज़कार में मसरूफ़ हैं। गर्मी में शिद्दत और दर्जा हरारत 40 डिग्री (100 फॉरनहीट) रिकार्ड किया गया है। मिस्र से आने वाले हसन मुहम्मद 60 साल ने बताया कि वो 1400 साल पहले हुज़ूर अकरम (सल्लललाहु अलैहि वसल्लम) के अदा करदा हज की इत्तेबा करते हुए हर्म शरीफ़ से वादी मिना तक पैदल पहूंचे हैं। ये मेरा छुटवां हज है और मैं यहां पहोनचकर ख़ुद को सबसे ज़्यादा ख़ुशनसीब इन्सान तसव्वर करता हूँ।

दुनिया के तक़रीब हर मुल्क से ताल्लुक़ रखने वाले मुस्लमान जो दुनिया की हर ज़बान में बात करते हैं। यहां पहूंच कर एक ही मुक़ाम पर ठहर कर यकसाँ इबादत करते हैं। मिस्र से आने वाले एक और शहरी 43 साल अशर्फ़ तलत ने बताया कि रंग-ओ-नसल , ज़बान और अमीर-ओ-ग़रीब सब एक हो कर तमाम मुस्लमान एक ही छत के नीचे फ़रीज़ा हज की अदायगी के लिए पहूँचते हैं।

पिछ्ले साल जुमरात के पुल पर हादसे के बाद सऊदी हुकूमत ने सख़्त सेक्यूरिटी इक़दामात किए हैं। शुजाअत अली आई आई एस ने वादी मिना से फ़ोन पर बताया कि वादी में मौसम ख़ुशगवार है।

हुकूमत सऊदी अरब की तरफ से गै़रक़ानूनी आज़मीन के ख़िलाफ़ सख़्त इक़दामात करने के बाइस सड़कें कुशादा और ख़ाली दिखाई दे रही हैं। कैम्पस में भी ग़ैर ज़रूरी भीड़ ना होने से आज़मीने हज्ज को पुर सुकून तरीके से इबादतों में मसरूफ़ होने का मौक़ा मिल रहा है।

जगह जगह सेक्यूरिटी के इंतेज़ामात और रहनुमाई से भी सहूलतें हो रही हैं। हिन्दुस्तानी आज़मीन अपने ख़ेमों में इतमीनान बख़श तरीकके से इबादतों में मसरूफ़ हैं। अख़बार के मुताबिक़ सेहत की ख़राबी की वजह से इस साल शेख़ अबदुलअज़ीज़ ख़ुतबा नहीं दे रहे हैं। मस्जिद नमरा में  नमाज़ ज़ुहर और अस्र की क़सर अदा की जाएगी जिसके बाद लाखों मुसलमानों को फ़रीज़ा हज की सआदत हासिल होगी।