सूबे का सबसे बड़ा अस्पताल पीएमसीएच। ओटी रूम में ऑपरेशन हो रहा है, लेकिन सजर्री आलात काम नहीं कर रहा है। डॉक्टर अपने ज़ाती औजार से ऑपरेशन करते हैं। ऐसी हालत पीएमसीएच के हर ओटी की है। ज़्यादातर औजार किसी काम के नहीं हैं। पीएमसीएच में 1989 से औजारों की फरोख्त नहीं हुई है। ऐसी सुरते हाल की वजह से कुछ डॉक्टर अपना औजार लेकर आते हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने किया था हंगामा
ओटी में आलात की कमी को लेकर जून,2013 में जूनियर डॉक्टरों ने हंगामा किया था। अस्पताल सुप्रीटेंडेंट ने फौरन एक लाख रुपये का औजार खरीदने की बात कहीं थी, लेकिन अभी तक आलात ओटी नहीं पहुंचा है। ओटी टेबल का भी कुछ ऐसा ही हाल है। उसे फिक्स कर दिया गया है। अगर सजर्न लंबे हैं तो उन्हें झुक कर सजर्री करनी होगी। कद छोटा है तो किसी चीज का स्पोर्ट लेना पड़ेगा। ऐसी ही हालात में हर दिन पीएमसीएच में ऑपरेशन चलता है, लेकिन इसके लिए कोई निज़ाम नहीं है। ओटी की बेहतरी के लिए टेंडर भी निकाला जाता है पर दिखता नहीं है।
“आलात फरोख्त की जिम्मेवारी बिहार स्टेट मेडिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन की है। अस्पताल इंतेजामिया जरूरत के मुताबिक सेहत महकमा और कार्पोरेशन को दरख्वास्त देता है। टेंडर के बाद आलात की फरोख्त होती है। जहां तक ओटी की बात है बीच-बीच में सामान की खरीदारी होती है, जैसी जरूरत होती है उसे फौरन ठीक किया जाता है।“
डॉ अमर कांत झा अमर, अस्पताल अधीक्षक