मलाईशीया और इंडोनेशिया ने ख़लीज बंगाल में कश्तीयों पर सवार हज़ारों गै़र क़ानूनी तारकीन-ए-वतन को आरिज़ी तौर पर अपने हाँ पनाह देने पर इत्तिफ़ाक़ कर लिया है।
हज़ारों की तादाद में रोहनगया और बंगला देशी मुहाजिरीन समुंद्र में फंसे हुए हैं और इस हवाले से पैदा होने वाले बोहरान के हल की तरफ़ ये पहली पेशरफ़त है।
मलाईशीया के वज़ीर-ए-ख़ारजा अनीफा अमान ने इंडोनेशिया और थाईलैंड के वुज़राए ख़ारिजा से मुलाक़ात के बाद कहा कि दो ममालिक ने इस बात पर इत्तिफ़ाक़ किया है कि समुंद्र में फंसे क़रीब 7000 अफ़रद को आरिज़ी पनाह दे दी जाये।
ताहम शर्त ये होगी कि आलमी बिरादरी एक साल के अंदर अंदर इन तारकीन-ए-वतन की वापसी और बहाली का काम मुकम्मल करे।