माले गावं धमाके मुल्ज़िम लोकेंद्र शर्मा के ख़िलाफ़ वारंट

क़ौमी तहक़ीक़ाती एजेंसी ( एन आई ए ) को आज समझौता ट्रेन बम धमाका और अजमेर शरीफ बम धमाकों के एक मुल्ज़िम लोकेश शर्मा को अदालत में पेश करने वारंट हासिल हो गया । ये वारंट इंसिदाद मुनज़्ज़म जराइम क़ानून ( मकोका ) की अदालत ने जारी किया है ।

इस मुल्ज़िम को माले गावं के 2008 के धमाकों के केस में अदालत में पेश करने को कहा गया है । एन आई ए ने नामज़द मकोका जज वाई डी शनडे की अदालत से रुजू होते हुए इस्तिदा की थी कि उसे शर्मा से पूछताछ की इजाज़त दी जाए ।

मुबाहिस की समाअत के बाद अदालत ने एन आई ए को प्रोडक्शन वारंट जारी किया और एजेंसी को हिदायत दी कि मुल्ज़िम को अदालत में पेश किया जाए । जैसे ही मुल्ज़िम को अदालत में पेश किया जाएगा इसके बाद एन आई ए एक बार फिर उसे तहवील में लेकर पूछताछ करने की दरख़ास्त दायर करेगी ।

ये केस 29 सितंबर 2008 को माले गावं में हुए बम धमाका से मुताल्लिक़ है जिस में छः अफ़राद हलाक हुए थे । उन आई ए को ज़ाफ़रानी तनज़ीमों की जानिब से किए गए धमाकों के तमाम मुक़द्दमात सौंपे गए हैं जिन माले गावं के 2006 और 2008 के बम धमाके अजमेर शरीफ धमाका मक्का मस्जिद बम धमाका और समझौता ट्रेन बम धमाका भी शामिल है ।

लोकेंद्र शर्मा फ़िलहाल अजमेर जेल में कैद है । अदालत की जानिब से इस के ख़िलाफ़ प्रोडक्शन वारंट का इजरा एन आई ए के लिए राहत का सबब है की उनका पंचकूला की एक अदालत ने कल उसे एन आई ए की तहवील में देने से इनकार कर दिया था ।

कहा गया है कि शर्मा इन धमाकों के असल सरग़ना सुनील जोशी का करीबी साथी रहा है । सुनील जोशी का बाद में क़त्ल हो गया है । शर्मा पर इल्ज़ाम है कि इसने समझौता एक्सप्रेस ट्रेन में बम रखा था । इंदौर के रहने वाले इस शख़्स का नाम अजमेर शरीफ और मक्का मस्जिद बम धमाकों में भी सामने आया था ।