सऊदी अरब की मेज़बानी में इस्लामी तआवुन तंज़ीम ओ आई सी के 57 मैंबर ममालिक का मक्का मुकर्रमा में मुनाक़िदा (आयोजित ) दो रोज़ा चोटी इजलास इख़तताम पज़ीर होगया है। कान्फ़र्स के आलामीया(घोषणा पत्र ) में बर्मा और शाम समेत दुनिया भर के मज़लूम मुस्लमानों से मुकम्मल यकजहती के इज़हार और उन के जमहूरी हुक़ूक़ की हिमायत का ऐलान किया गया।
दो रोज़ा इस्लामी सरबराह कान्फ़्रैंस के इख़तेताम पर ओ आई सी के सेक्रेटरी जनरल अकमल उद्दीन एहसान ओगलो ने आलामीया(घोषणा पत्र ) पढ़ कर सुनाया। 57 ममालिक के सरबराहान ने शाम में जारी ख़ूँरेज़ी के फ़ौरी ख़ातमे और अरकान के मज़लूम मुस्लमानों के ख़िलाफ़ सफ़्फ़ाकियत(जुल्म जबर) बंद करने का मुतालिबा किया।
क़रारदाद में मियांमार में गुज़श्ता कई माह से जारी दहश्तगर्दी को इंसानियत के ख़िलाफ़ संगीन जुर्म क़रार दे कर मियांमार की हुकूमत को इस का ज़िम्मेदार गरदाना गया। मुस्लिम मुल्कों में जारी अंदरूनी शोरिशों की भी मुज़म्मत की गई और अवाम के जमहूरी और आईनी हुक़ूक़ की पासदारी पर ज़ोर दिया गया।
आलामीए(घोषणा पत्र ) में मुस्लिम मुल्कों और हुकूमतों से मुतालिबा किया गया कि वो फरोइ इख़तिलाफ़ात से बाला-ए-तर(उपर उठ कर) हो कर दीन हनीफ़ की तरफ़ लौटें और दहश्तगर्दी और गुमराह नज़रियात के ख़िलाफ़ जंग में अपनी तवानाईयां सर्फ़ करें।इजलास में आलम इस्लाम में जारी फ़ित्ना व फ़साद और खूनखराबे की कार्यवाईयों की रोक थाम को इन मुल्कों की ज़िम्मेदारी क़रार दिया गया।
आलामीए(घोषणा पत्र ) में शाम में जारी तशद्दुद के ख़ातमे पर ज़ोर देते हुए मीज़ाईलों, टैंकों और राकिटों का सामना करने वाले अवाम से मुकम्मल यगानगत और हमदर्दी का इज़हार किया गया। क़रारदाद में शामी हुकूमत पर ज़ोर दिया गया कि वो अवाम के जमहूरी और आईनी हुक़ूक़ का एहतिराम करे और हुकूमत मुख़ालिफ़ कुव्वतों से कहा गया कि वो अपने जायज़ जमहूरी मुतालिबात के हुसूल के लिए तशद्दुद के बजाय बातचीत का रास्ता अपनाएं।
अवाम के ख़िलाफ़ ताक़त के इस्तिमाल के हथकंडों के बाइस सदर बशारुल असद को कड़ी तन्क़ीद का निशाना बनाया गया और इजलास ने मुत्तफ़िक़ा तौर पर शाम की ओ आई सी रुकनीयत मुअत्तल करने का फ़ैसला किया। क़रारदाद में कहा गया कि असद अपना इक़तिदार बचाने के लिए अवामी इंतिफ़ाज़ा को फ़ौजी क़ुव्वत के ज़रीये कुचल कर आलमी इंसानी हुक़ूक़ की ख़िलाफ़ वरज़ीयां कर रहे हैं।
क़रारदाद में फ़लस्तीनीयों के हुक़ूक़, उन के लिए आज़ाद फ़लस्तीनी ममलकत के क़ियाम, फ़लस्तीनीयों को अपने जायज़ हुक़ूक़ और हक़ के लिए जद्द-ओ-जहद करने की हिमायत की गई और ख़ित्ते में क़ियाम अमन की राह में रुकावटें खड़ी करने की तमाम तर जिमादारी इसराईल पर आइद की।