शरद राव की क़ियादत वाली आटो रिक्शा यूनीयन ने आज ऐलान किया कि 16 अप्रैल से शहर के 7.5 लाख आटो रिक्शा ड्राईवर्स अपने मुख़्तलिफ़ मुतालिबात की यकसूई ना किए जाने जिस में किराया में इज़ाफ़ा भी शामिल है , के ख़िलाफ़ बतौर एहतिजाज ग़ैर मुअय्यना मुद्दत की हड़ताल करेंगे।
इस मौक़ा पर एहतिजाज का ऐलान करते हुए शरद राव ने अख़बारी नुमाइंदों से भी ख़िताब किया और कहा कि हम हुकूमत से नए फार्मूला का मुतालिबा करते हैं। सी एन जी की क़ीमतें बढ़ चुकी हैं और ऐसी सूरत-ए-हाल में आटो रिक्शा चलाना नुक़्सान का सौदा है। याद रहे कि सिर्फ कुछ रोज़ क़ब्ल बॉम्बे हाइकोर्ट ने रियास्ती हुकूमत के इस फ़ैसला को बरक़रार रखा था जहां आटो ड्राईवर्स से ख़ाहिश की गई थी कि वो अपने आटोज़ में इलेक्ट्रॉनिक मीटर नसब करवाए।
यूनीयन के क़ाइदीन ने आज परेल में मुलाक़ात की ताकि किरायों में फ़ौरी इज़ाफ़ा के तरीका-ए-कार पर अमल आवरी की जा सके। मिस्टर राव ने कहा कि आटो रिक्शाओं पर इलेक्ट्रॉनिक मीटर्स की लाज़िमी तंसीब के ख़िलाफ़ भी वो फ़ाज़िल अदालत से रुजू होंगे। शरद राव की मुंबई आटो रिक्शा मेन्स यूनीयन यक्म अप्रैल से इलेक्ट्रॉनिक मीटर्स की लाज़िमी तंसीब के ख़िलाफ़ हाइकोर्ट से रुजू हुई थी जहां इसने दरख़ास्त दाख़िल की थी कि इलेक्ट्रॉनिक मीटर्स की तंसीब के आलामीया को वापस लिया जाये लेकिन अदालत ने इस दरख़ास्त को मुस्तर्द कर दिया था। शरद राव ने कहा कि उन की यूनीयन 16 अप्रैल से ग़ैर मुअय्यना मुद्दत की हड़ताल करेगी जहां हमारा मुतालिबा है कि आटो रिक्शा का कम से कम किराया 11 रुपये से बढ़ाकर 16 रुपय किया जाये और ज़ाइद किलो मीटर के लिए 7 रुपये से इज़ाफ़ा करके 9 रुपये किया जाये। उन्होंने कहा कि मुंबई के किरायों को भी दिल्ली और बैंगलौर के किरायों के मुमासिल क़रार दिया जाये जहां कम से कम किराया बिलतर्तीब 19 और 17 रुपये है। मुंबई की ज़िंदगी भी दिल्ली और बैंगलौर की तरह महंगी है।