शीलांग 6 मार्च : मुकुल संगमा को आज मेघालय के 23 वीं वज़ीर-ए-आला की हैसियत से हलफ़ दिलाया गया जहां रियास्ती गवर्नर
ने राज भवन में मुनाक़िदा एक आलीशान तक़रीब में उन्हें ओहदा और राज़दारी का हलफ़ दिलवाया । 47 साला मुकुल संगमा ने 60 रुकनी एसेंबली में कांग्रेस को 29 नशिस्तों पर कामयाबी दिलाने में अहम रोल अदा किया ।
वाज़ह अक्सरीयत हासिल करने से वो सिर्फ़ दो नशिस्तों से पीछे रह गए । याद रहे कि मुकुल संगमा को मुसलसल दुसरी मीयाद केलिए वज़ीर-ए-आला के ओहदे पर फ़ाइज़ होने का मौक़ा मिला है । हलफ़ बर्दारी की तक़रीब के बाद अख़बारी नुमाइंदों से बात करते हुए संगमा ने कहा कि वो रियासत की तरक़्क़ी पर फ़िलहाल अपनी तमाम तर तवज्जो मर्कूज़ रखेंगे क्योंकि रियासत के अव्वाम तरक़्क़ी के हकदार हैं ।
हम इस बात के पाबंद हैं कि हम ने अवाम से भी वाअदा किया है उससे पुरा करेंगे । नई हुकूमत के एजंडे में सर-ए-फ़हरिस्त रियासत की पसमांदगी और गरीबी को ख़त्म करना है । यहां इस बात का तज़किरा दिलचस्प है कि कांग्रेस के 29 एम एल ए के अलावा 8 आज़ाद उम्मीदवारों ने भी हुकूमत की तशकील में ताईद किया है जिस में एन सी पी भी शामिल है जिसे दो नशिस्तों पर कामयाबी हासिल हुई है ।
कांग्रेस के एक आला सतही रुकन ने बताया कि संगमा ने नई दिल्ली में ए आई सी सी सदर सोनिया गांधी के साथ सलाह के बाद
वज़रा की फ़हरिस्त को क़तईयत देदी है लेकिन इस का एलान अनक़रीब किया जाएगा । फ़िलहाल मीडया से इस ताल्लुक़ पर कोई तबादला-ए-ख़्याल नहीं किया जा सकता क्यों कि संगमा ने ना सिर्फ़ ओहदा बल्कि राज़दारी का हलफ़ भी लिया है ।