मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हुए रेल हादसे पर बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। ट्रैक पर चल रहे मरम्मत का खुलासा हुआ है। रेलवे ने इंजीनियरिंग विभाग को जिम्मेदौर माना है।
इससे पहले रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने तीखे लहजे में आदेश जारी कर कहा कि रविवार शाम तक बताओ की इस हादसे के गुनहागार कौन है। सुरेश प्रभु ने शनिवार रात ट्वीट कर कहा था कि इस पूरे हादसे की जांच वह स्वयं कर रहे हैं।
जांच में खुलासा हुआ है कि इंजीनियरिंग बोर्ड की लापरवाही से इतनी बड़ी दुर्घटना हुई है। गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में शनिवार शाम को हुई इस घटना में 21 लोगों की मौत हुई है और 100 से भी ज्यादा लोग घायल हुए हैं।जीआरपी का दावा है कि दुर्घटनास्थल पर रेल पटरी की मरम्मत का काम चल रहा था।
मरम्मत के समय रेलगाड़ियों की रफ्तार उस स्थान पर धीमी हो जाती है, लेकिन शनिवार को कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन की रफ्तार 105 किलोमीटर प्रति घंटे थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के दुर्घटनाग्रस्त होने से पहले उसी पटरी से दो रेलगाड़यिां गुजरी थीं, लेकिन उनकी रफ्तार धीमी थी। जिससे कोई हादसा नहीं हुआ था।
इस बाबत अपर पुलिस महानिदेशक बी़ क़े मौर्य ने कहा कि पटरी की मरम्मत का कार्य चल रहा था। ट्रेन की रफ्तार धीमी होनी चाहिये थी, लेकिन उसकी स्पीड में कोई कमी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मरम्मत कार्य में लगे रेलकर्मी या तो काशन बोर्ड लगाना भूल गए या ड्राइवर बोर्ड को देख नहीं सका। जिससे ये हालात बनी।
एडीजीपी मौर्य ने कहा कि कॉशन बोर्ड का संज्ञान नहीं लिया जाना भी जांच के दायरे में है। जांच कर पता लगाया जाएगा कि मरम्मत कर रहे रेलकर्मी काशन बोर्ड लगाना भूल गए थे या चालक ने उसकी अनदेखी की।
इधर खतौली रेल हादसे पर रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने कहा कि हादसे के दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा उन्होंने कहा कि उत्कल एक्सप्रेस हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और रिपोर्ट जल्द ही आ जायेगी। जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी