बाली वुड ऐक्टर अनुपम खेर ने कहा कि जिस वक़्त चन्दीगढ़ में उनकी अहलिया किरण खेर बी जे पी की उम्मीदवार की हैसियत से पहुँचें और उन पर अंडे फेंके गए और स्याह पर्चम दिखाए गए, इस वाक़िया का ना तो उन्होंने ख़ुद कोई असर लिया है और ना ही किरण ख़ैरने।
मंगल के रोज़ किरण खेर चन्दीगढ़ पहुंची थी जहां गंदे अंडों से उनका इस्तिक़बाल किया गया। एहितजाजियों ने नारेबाज़ी करते हुए उन्हें आउट साइडर कहा। उस वक़्त अनुपम खेर भी करण के साथ थे। उन्होंने कहा कि मुझे इस बात पर हंसी आरही है कि एहितजाजियों को इतनी एहमियत क्यों दी जा रही है? सिर्फ़ 7 ता 8 एहितजाजी वहां मौजूद थे।
जम्हूरियत में हर किसी को एहतिजाज करने का हक़ हासिल है। मैंने और किरण ने एहतिजाज का कोई बुरा नहीं माना लेकिन सवाल ये पैदा होता है कि एहतिजाज क्यों हुआ? एहितजाजियों का ख़्याल है कि किरण खेर से ज़्यादा काबिल लोगों को नजरअंदाज़ करते हुए पार्टी ने उन्हें टिकट दिया। अनुपम खेर ने कहा कि अगर हाईकमान किसी उम्मीदवार को मुनासिब तसव्वुर करती है तो ये इस का फ़ैसला है।
हमें इस पर किसी बच्चे की तरह ज़िद नहीं करना चाहिए जो पसंदीदा खिलौना ना मिलने पर करता है। एहतिजाज कोई मानी नहीं रखता। एक तरफ़ सिर्फ़ 7 ता 8 एहितजाजियों को देखा गया और ये बात किसी ने नोट नहीं की कि किरण खेर का खैरमक़दम करने 500 से ज़ाइद अफ़राद एयर पोर्ट आए थे अलबत्ता अंडे फेंकने की जो रिपोर्टस शाय हुई हैं, वो अंडे अगर मुझे दिखाए जाएं तो मैं उनका आमलेट बनाउंगा।
उन्होंने कहा कि किरण खेर भी कमज़ोर दिल नहीं हैं।जब उनसे पूछा गया कि क्या वो ख़ुद भी सियासत में दाख़िला लेना चाहते हैं जिस का जवाब नफ़ी में देते हुए अनुपम खेर ने कहा कि ख़ानदान में सिर्फ़ एक ही सियासतदां काफ़ी है।