मुस्लिम भी बच्चा गोद ले सकते हैं

बुध के रोज़ सुप्रीम कोर्ट के एक अहम फैसले ने उन मुस्लिमों को बडी राहत दी है जो बेऔलाद हैं। इस फैसले में आली अदालत ने मुस्लिमों को भी बच्चा गोद लेने का इख्तेयार दे दिया है। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के तहत मुस्लिम बच्चा गोद नहीं ले सकते। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जब तक मुल्क यूनिफॉर्म सिविल कोड (Uniform Civil Code) हासिल नहीं कर लेता तब तक मुल्क के कानून को पर्सनल लॉ से तरजीह देनी चाहिए।

आईन के आर्टिकल 44 में Uniform Civil Code का कानून है। कोर्ट ने कहा कि कानून ने बच्चा गोद लेने का इख्तेयार दिया है। पर्सनल लॉ की हिदायतो से इसे बरबाद नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला शबनम हाशमी की 8 साल पुरानी दरखास्त पर सुनाया।

हाशमी को बच्चा गोद लेने की इज़ाज़त नहीं दी गई थी जिसके बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सभी को बच्चा गोद लेने का कानूनी हक है लेकिन बच्चा गोद लेने के हुकूक को बुनियादी हक ऐलान करने का अभी सही वक्त नहीं है।