मोदी की डिग्री फर्ज़ी है ?

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री के बारे में सूचना पाने के लिए लगाई गई एक और आरटीआई खारिज कर दी है। ऐसा करने के पीछे ‘निजता’ कारणों का हवाला दिया गया है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत दिल्ली के एक अधिवक्ता मोहम्मद इरशाद ने इस बाबत जानकारी मांगी थी।इसके बाद एक बार फिर मोदी के विरोधियो ने मोदी की डिग्री को फर्जी होने का दावा किया है

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डीयू ने मोदी की डिग्री पर दायर आरटीआई का जवाब देते हुए कहा कि “डीयू प्रत्येक विद्यार्थी की निजता को बरकरार रखने की कोशिश करता है, क्योंकि यह विश्वासपूर्ण रिश्ते के तहत छात्र से संबद्ध जानकारी अपने पास रखता है।” यूनिवर्सिटी द्वारा मोदी की डिग्री से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने से इनकार करने से मामले ने तूल पकड़ लिया है।

मोदी की डिग्री को ‘फर्जी’ बताने वाले आम आदमी पार्टी (आप) के नेता व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई पर दिल्ली यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए जवाब की एक प्रति रविवार को ट्विटर पर साझा करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी सूचना देने से मना नहीं कर सकता।


केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, “इससे प्रधानमंत्री की डिग्री से संबंधित रहस्य और गहरा रहा है। अगर डीयू को लगता है कि यह निजी जानकारी है, तो उसे आरटीआई कानून के तहत प्रधानमंत्री को पत्र लिखना चाहिए और उनकी अनुमति लेनी चाहिए। डीयू सूचना देने से मना नहीं कर सकता।”