गुजरात के वडोदरा के एक स्कूल के पांच स्टूडेंट्स को स्कूल से इसलिए सस्पेंड कर दिया, क्योंकि उन्होंने गुजरात के सीएम की रैली में हिस्सा नहीं लिया था। यह रैली 15 फरवरी को हुई थी। कांग्रेस और दूसरे कई तंज़ीमों ने अब इस मामले को तूल दे दिया है और स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मोदी 15 फरवरी को वडोदरा में स्पॉट्स कॉम्पलैक्स का इफ्तेताह करने पहुंचे थे।
हालांकि इस रैली में काफी तादाद में लोग जुटे, मगर इनमें कई ऐसे थे जिन्हें इसमें शामिल होने के लिए मजबूर किया गया, खासकर स्कूली बच्चों को। यह मामला तब साफ हो गया जब वडोदरा के स्कूल के पांच बच्चों को सस्पेंड कर दिया गया। इन बच्चों ने मोदी की रैली में जाने का हुक्म मिलने के बावजूद नहीं जाने की गुस्ताखी की थी।
स्कूल के इतेज़ामिया ने बच्चों के वालिदैन को खत लिखकर बता दिया था कि क्लास सात, आठ और नौ के स्टूडेंट्स को यहां मौजूद रहना है। बच्चों को बर्खास्त करने के फैसले से खफा वालिदैन ने स्कूल के मैनेजमेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि जिन बच्चों को स्कूल से सस्पेंड किया गया है, उनके वालिदैन ने एक बयान जारी कर कहा है कि उन्हें स्कूल से कोई शिकायत नहीं है।
वालिदैन के मुताबिक, बच्चों पर रैली में शामिल नहीं होने की वजह से कार्रवाई नहीं की गई। स्कूल नहीं आने की वजह से बच्चों के खिलाफ कार्रवाई की गई। लेकिन कांग्रेस का इल्ज़ाम है कि मोदी अपने सियासी फायदे के लिए बच्चों का भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इस पूरे मामले पर स्कूल मैनेजमेंट खामोश है।
वालिदैन को स्कूल की तरफ से मोदी के प्रोग्राम के एक दिन बाद एक खत भेजा गया है। इसमें कहा गया है कि जो बच्चे क्लास से गैरहाजिर रहे, उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।