नई दिल्ली, 07 फरवरी: पुलिस ने आज सैंकड़ों तलबा को मुंतशिर करने के लिए आबी तोपों और लाठी चार्ज का इस्तिमाल किया। ये तलबा बावक़ार दिल्ली युनिवर्सिटी कॉलेज के करीब चीफ मिनिस्टर गुजरात नरेंद्र मोदी के रियासत में 2002 के फ़सादाद में मुबय्यना किरदार के ख़िलाफ़ एहतिजाज कर रहे थे।
ए आई एस ए, ए आई एस एफ, डी एस यू और एस एफ आई से ताल्लुक़ रखने वाले तलबा सिरी राम कॉलेज आफ़ कॉमर्स के बाहर जहां नरेंद्र मोदी ने दोपहर 3 बजे तक़रीर की थी, जमा होगए थे, उन्होंने कॉलेज के अहाता में दाख़िल होने से रोकने के लिए लगाई हुई रुकावटें तोड़दीं और तशद्दुद पर उतर आए।
वो नारा लगा रहे थे मोदी 2002 के फ़सादाद के ज़िम्मेदार थे उन्हें दिल्ली युनिवर्सिटी में तलबा से ख़िताब करने की इजाज़त नहीं देनी चाहीए थी। जे एन यू के एक तालिबे इल्म सीतू ने कहा कि दिल्ली युनिवर्सिटी के एक और तालिबे इल्म सौरभ ने कहा कि गुजरात में तकरीबन 6000 काश्तकार ख़ुदकुशी करचुके हैं और मोदी तरक़्क़ी का दावा कर रहे हैं।
पुलिस का भारी अमला बिशमोल ख़वातीन तैनात किए गए थे। पुलिस ने तलबा को कॉलेज में दाख़िले से रोकने के लिए आबी तोपों और लाठियों का इस्तिमाल किया। बादअज़ां एहितजाजियों ने ख़ुद को गिरफ़्तारी के लिए पेश किया। दरें असना ए बीवी पी के कारकुनों ने मोदी और दिल्ली बी जे पी के नायब सदर रमेश बुधवरी की ताईद में नारे लगाए और कहा कि हमारे कॉलेजों में मुख़ातिब करने के लिए क़ाइदीन को मदऊ करने की रिवायत है और इसे बरक़रार रहना चाहीए।
मोदी के ख़िलाफ़ एहतिजाज करनेवाली क़ौम दुश्मन ताकतें हैं और उन के एहतिजाज का कोई मतलब नहीं है। हम क़ाइदीन को ख़िताब करने के लिए मदऊ करना जारी रखेंगे।