अहमदाबाद। [ सीयासत न्युज ब्युरो ] गुजरात की मोदी सरकार सिर्फ बडी बडी बाते करने में नंबर वन है, हकिकत मे जिरो है । गुजरात में संवैधानिक संस्थाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती तथा विधानसभा भी एक दो दिन के लिए बुलाई जाती है जिससे एमएलएज को लोगो के मसाइल को असेम्बली में उठाने का मौका तक नहीं मिलता। यह बात कांग्रेस के बडे नेता शंकर सिंह वाघेला बताई।
वागेला शाहीबाग मे वाके अपने सरकारी बगले पर हुई प्रेसकोन्फ्रस मे बात कर रहे थे.वाघेला ने प्रेस कोन्फ्रस के दौरान मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को जमकर तन्किद का निशाना बनाया। वाघेला ने कहा गुजरात सरकार कहीं पर भी नंबर वन नहीं है, महज बडी बडी बाते करने मे वह नंबर एक पर है।
कवायद के तहत संचालित की जाने वाली संस्थाओं को कमतर कर दिया गया है वहीं विधानसभा भी एक दो दिन के लिए बुलाया जाता है। ब्रिटेन में साल के 11 माह असेम्बली में काम होता है, भारतीय जुम्हुरियत भी वहीं से ली गई है इसीलिए संसद के तीन सत्र बुलाए जाते हैं जबकि गुजरात में विधानसभा में विपक्ष के एमएलएज को अपनी बात कहने और पब्लिक के मसाइल को उठाने तक का मौका नहीं मिलता है।
नियंत्रक व महालेखा परीक्षक की रिपोर्ट बजट सत्र के आखिरी दिन असेम्बली में पेश की गई जबकि सार्वजनिक लेखा समिति, बोर्ड निगम, आर्थिक विभाग की रिपोटरें पर सदन में पूरी चर्चा तक नहीं हो पाती है। ऐसे में गुजरात में जुम्हुरीयत को बहाल करने के लिए कांग्रेस ने राज्यपाल डॉ कमला से दरखास्त कि है कि प्रदेश में आईन की पालना हो और इसके सभी अंग प्रभावशाली बनें।