मौलाना मुहम्मद अली जौहर पर सेमीनार ज़बरदस्त ख़िराज-ए-अक़ीदत

लखनऊ, 12 दिसंबर: (सियासत न्यूज़) जंग-ए-आज़ादी के अज़ीम मुजाहिद मौलाना मुहम्मद अली जौहर के यौम-ए-पैदाइश पर आज उन्हें उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ज़बरदस्त ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया गया । गंगा प्रसाद मेमोरियल हाल में मुनाक़िदा एक सेमीनार हक़ूक़-ए-इंसानी और मौलाना मुहम्मद अली जौहर में मुक़र्ररीन ने रईस अलामर मौलाना मुहम्मद अली जौहर की जंग-ए-आज़ादी के दौरान की गई ख़िदमात का बतौर ख़ास तज़किरा करते हुए इस बात की भी मुज़म्मत की कि इस अज़ीम मुजाहिद आज़ादी की ख़िदमात को फ़रामोश करने की कोशिश की जा रही है ।

मुक़र्ररीन ने कहा कि मौलाना मुहम्मद अली जौहर ना सिर्फ़ ये कि जंग-ए-आज़ादी के अज़ीम रहनुमा थे बल्कि बहैसीयत इंसान भी वो बेहद अज़ीम थे । मौलाना ने जिस तरह से ज़िंदगी पर हक़ूक़-ए-इंसानी की पामाली सदाए एहतिजाज बुलंद किया इससे अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि मौलाना मुहम्मद अली जौहर के दिल में इंसानी क़दरों की पामाली का कितना दर्द था ।

इस मौक़ा पर रियास्ती वज़ीर फ़रीद महफ़ूज़ किदवाई ने मौलाना मुहम्मद अली जौहर के सयासी अफ़्क़ार-ओ-नज़रियात को आज के तनाज़ुर में बेहद अहम बताते हुए उन को आम करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया । प्रोफ़ेसर मलिकज़ादा मंज़ूर अहमद ने कहा कि मौलाना मुहम्मद अली जौहर जैसे अज़ीम मुजाहिद आज़ादी की बदौलत हिंदूस्तान को आज़ादी मिली |

उन्होंने कहा कि मौलाना मुहम्मद अली जौहर जैसे अज़ीम लीडर बरसों में जाकर कहीं पैदा होते हैं । सेमीनार में मौलाना ख़ालिद रशीद फ़रंगी प्रोफ़ेसर रमेश दिक्षित डाक्टर मुहम्मद हारून अनवर जलाल पूरी वग़ैरा ने भी मौलाना मुहम्मद अली जौहर की ज़िंदगी के मुख़्तलिफ़ गोशों पर तफ़सीली रोशनी डाली । बाद में एक मुशायरा भी मुनाक़िद हुआ जिसमें मुक़ामी और बैरूनी शारा-ए-ने मौलाना मुहम्मद अली को मंजूम ख़िराज-ए-अक़ीदत पेश किया ।