यू पी ए II को ऐसी सुर्ख़ राहों का सामना है जो ज़ाहिर नहीं हैं और ये सूरत-ए-हाल यू पी ए I के बरअक्स ( विपरीत) है लेकिन हुकूमत ने इन ख़तरात से निपटना सीख लिया है और हम सँभल रहे हैं, मर्कज़ी वज़ीर दाख़िला पी चिदम़्बरम ने आज ये बात कही। उन्होंने यहां अख़बारी नुमाइंदों से बात चीत में कहा कि यू पी ए I में मुझे रोज़ अव्वल ( पहले दिन) से पता था कि सुर्ख़ राहें कौन सी हैं।
मैं बाअज़ ख़तरात को पूरी तरह समझ नहीं सका। यू पी ए II में मैं साफगोई से कहूंगा कि सुर्ख़ राहें अयाँ नहीं हैं। यकायक बाअज़ नए ख़तरात उभर रहे हैं और यही यू पी ए । I और यू पी ए । II के दरमियान फ़र्क़ है। वो ज़ाहिर तौर पर बाएं बाज़ू जमातों का हवाला दे रहे थे जिन्होंने यू पी ए I को बाहर से कलीदी ताईद फ़राहम की और अब मौजूदा हुकूमत में ममता बनर्जी ज़ेर क़ियादत टी एम सी अहम शराकतदार है। ताहम उन्होंने मख़लूत ( मिली जुली) हुकूमत के इत्तिहादियों के माबेन ( बीच) इख़तिलाफ़ात की तरदीद (