यू पी ए हुकूमत को किसी तरह का ख़तरा नहीं

नई दिल्ली, १८ सितंबर (पी टी आई) मईशत ( आर्थिक स्थिति/ जीविका) को फ़रोग़ ( उन्नती/ बढ़ावा) देने के लिए मज़ीद सख़्त इक़दामात (किए जाने वाने काम) का इशारा देते हुए वज़ीर फायनेन्स पी चिदम़्बरम ने डीज़ल, एल पी जी और रीटेल शोबा ( Retail Brand /Sector) में एफ डी आई के ताल्लुक़ से फ़ैसला वापस लेने का इमकान मुस्तर्द ( रद्द) कर दिया।

उन्होंने इस यक़ीन का इज़हार किया कि हुकूमत को अपनी दाख़िली या बैरूनी या हलीफ़ जमातों से कोई ख़तरा लाहक़ नहीं होगा। उन्होंने तक़रीबन एक घंटा तवील ( लंबी) बातचीत के दौरान मुख़्तलिफ़ उमूर का अहाता किया। चिदम़्बरम ने कहा कि अपोज़ीशन जमातें इन फ़ैसलों को वापस लेने का मुतालिबा कर रही है लेकिन जहां तक उन्हें इल्म है हुकूमत ऐसा कोई काम करने वाली नहीं।

उन्होंने कहा कि एक सयासी हुकूमत को बख़ूबी पता होता है कि उसे क्या करना चाहीए और क्या नहीं। मुशीर (परामर्शदाता/ सलाह देने वाला) अपना काम सिर्फ ये कर सकते हैं कि कोई मश्वरा दें लेकिन हम ने वो काम किया जो किया जा सकता था। हुकूमत के फ़ैसलों पर यू पी ए की हलीफ़ तृणमूल कांग्रेस और बाहर से ताईद करने वाली हलीफ़ समाजवादी पार्टी-ओ-बी एस पी की मुख़ालिफ़त के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हुकूमत को ऐसा कोई ख़तरा लाहक़ नहीं है।

यू पी ए हुकूमत मुस्तहकम (मजबूत) है और हमारे हलीफ़ ( मित्र/ दोस्त्) जमातें हक़ीक़त का इदराक करते ( सूझ बूझ/ज्ञान रखते) हुए हुकूमत की ताईद बरक़रार रखेंगी।

इस दौरान वज़ीर तग़ज़िया के वी थॉमस ( Food and Consumer Affairs Minister K.V. Thomas) ने वज़ीर-ए-आज़म मनमोहन सिंह से कहा कि सब्सीडी पर दिए जाने वाले सिलेंडर्स की तादाद महिदूद ( सीमित) करने से मुतवस्सित ( बीच का ) तबक़ा बुरी तरह मुतास्सिर ( प्रभावित) होगा। उन्होंने क़ीमत में किसी क़दर इज़ाफ़ा करते हुए ज़ाइद सिलेंडर पर सलाब सिस्टम की तजवीज़ पेश की।

थॉमस के पास उमूर सारिफ़ीन का भी क़लमदान है। उन्हों ने मनमोहन सिंह को मकतूब रवाना करते हुए तजवीज़ पेश की कि हुकूमत को 6 के बाद इज़ाफ़ी सिलेंडर पर फ़ी ( प्रति) सिलेडर 50 रुपय ज़ाइद वसूल करना चाहीए। इस के बाद 2 सलिंडर के बाद 13 ता 24 सिलेंडर 150 रुपय ज़ाइद वसूल किए जाएं। हर साल 24 सलिंडर के बाद हुकूमत उसे मार्केट की क़ीमत में फ़रोख्त करे और किसी तरह की सब्सीडी ना दे।