मुंबई: विकास को मुद्दा और अच्छे दिन का का वादा कर सत्ता में आयी मोदी सरकार के वादे अभी तक जुमले ही सिद्ध हो रहे हैं । वित्तीय सेवा कंपनी जेएम फाइनेंशियल के अध्ययन के अनुसार देश में करीब 35 प्रतिशत ग्रामीण परिवार बिजली से वंचित हैं और इसका मुख्य कारण केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच प्रभावी निगरानी और समन्वय की कमी है। बिजली की पहुंच एक प्रमुख सामाजिक-आर्थिक विकास का संकेतक है। यह ऐसा क्षेत्र है जहां अभी भी काफी कमी है। मई 2016 की स्थिति के अनुसार 35 प्रतिशत ग्रामीण परिवार बिजली से वंचित हैं। पूरे देश में देखा जाए तो इसमें काफी अंतर है। इसमें कहा गया है कि बिहार और उत्तर प्रदेश में 87 तथा 71 प्रतिशत परिवार तक बिजली की पहुंच नहीं है। वहीं पंजाब, आंध्र प्रदेश तथा गुजरात में शत प्रतिशत परिवार तक बिजली की पहुंच है। ब्रोकरेज कंपनी ने कहा, बिजली समवर्ती सूची में है, ऐसे में प्रभावी निगरानी और समन्वय की कमी से विभिन्न राज्यों में अंतर अलग-अलग है।