रियासती कॉंग्रेस तर्जुमान विनोद कुमार सिंह यादव ने बीजेपी और मोदी सरकार पर इल्ज़ाम लगाया है की ये सरकार अपनी नाकामियों को छुपाने के लिए तरह तरह का हथकंडा अपना रही है। इसी सिलसिले में योगा और वर्जिश को भी फिरका वाराना सियासी रंग देने की कोशीशी हो रही है। कॉंग्रेस तर्जुमान ने मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुये कहा की लोकसभा इंतिख़ाब से क़बल नरेंद्र मोदी पूरे मुल्क में घूम-घूम कर तरक़्क़ी की गंगा बहाने, रोजगार देने, ब्लैक मनी वापस लाने, किसान को लागत से डेढ़ गुना ज़्यादा कीमत देने, बिहार को खुसुसि रियासत का दर्जा और तरह-तरह का सब्ज़बाग दिखा कर भोलेभाले अवाम का वोट चुराने का काम किया था लेकिन एक साल के बाद भी मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करने में नाकामी रही। यही वजह है की तरक़्क़ी और मुल्क से किए गए वादों को दबाने की लिए आवाम को गुमराह करने की नियत से कभी झाड उठाने की बात करह हैं तो कभी उनके रहनुमा और एमपी चार-पाँच बच्चे पैदा करने की सलाह देते हैं।
कभी कहते हैं की जिसने बीजेपी को वोट नहीं दिया वो पाकिस्तान चला जाये। रामजादा और हरामजादा की बात करते हैं और तरह-तरह का फिरका वाराना बयान देते हैं और अब योग को साजिश के तहत फिरकावाराना रंग देने की कोशिश हो रही है। कॉंग्रेस तर्जुमान विनोद कुमार सिंह ने कहा की योग और वर्जिश सेहतमंद रहने के लिए ज़रूरी है। हम सब लोगों को अपनी सेहत पर ध्यान देना चाहिए। लेकिन इस नेक काम के लिए बीजेपी और इस के रहनुमाओं के असली चेहरे को उजागर करता है।
कॉंग्रेस तर्जुमान ने बीजेपी के क़ौमी सदर अमीत शाह को योग दिवस पर पटना आना और उन लोगों को योग की तालीम देने की बात को नौटंकी करार दिया है। उन्होने कहा की योग दिवस पर सरकारी सतह पर ये प्रोग्राम तय होता है इस में पार्टी के क़ौमी सदर की क्या ज़रूरत है। इस से साबित होता है की मोदी सरकार योग पर भी सियासत कर रही है।