यूके बॉर्डर एजंसी ने वज़ारत-ए-दाख़िला सरबराह रहमान मलिक की बर्तानवी शहरियत (नागरिकता) के हक़ीक़ी मौक़िफ़ की वज़ाहत करने से इनकार कर दिया है । हालाँ कि यही वो मसला है जिस के नतीजा में वो पाकिस्तान की पार्ल्यमंट की अपनी रुकनीयत से महरूम हुए ।
रहमान मलिक की शहरियत (नागरिकता) के बारे में मालूमात के लिए बर्तानिया के क़ानून हक़ आज़ादी मालूमात के तहत एक्सप्रेस ट्रे ब्योन की दाख़िल करदा दरख़ास्त पर जवाब देते हुए यू के बॉर्डर एजंसी ने कहा कि ना वो तसदीक़ (पुष्टि) कर सकती है और ना तरदीद कि आया हमारे पास मुताल्लिक़ा दफ़आत के तहत शख़्सी मालूमात मौजूद हैं ?