जयपुर। एक तरफ सरकार अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर विधायकों द्वारा उनके सदन में ही भूत प्रेत होने की बाते फैलाई जा रही हैं। राजस्थान के बीजेपी विधायकों को इन दिनों भूतों का डर सता रहा है।
तीन उपचुनाव हारने और दो बीजेपी विधायकों की मौत के बाद विधानसभा में पिछले दो दिनों से भूत-प्रेत, जिन्न, चुड़ैल और पिचाशों पर मंथन चल रहा है। विधायकों ने सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समक्ष आत्माओं की शांति के लिए हवन कराने और पंडितों को भोजन कराने का प्रस्ताव रखा है।
बीजेपी के इन विधायकों का दावा है कि भूत बहुत परेशान कर रहे हैं। जिस विधानसभा में अंधविश्वास को खत्म करने के लिए कई बार कानून तक बन चुके हैं, लेकिन आज उसी विधानसभा में विधायकों को भूत का डर सता रहा है।
राजस्थान के बीजेपी विधायक अंधविश्वास में डूबे हुए हैं। इनका कहना है कि विधानसभा में विधायकों की संख्या एक साथ 200 नहीं हो रह पा रही है। किसी न किसी विधायक की मौत हो जा रही है। आलम यह है कि हर पांच साल बाद सरकार भी बदल रही है।
हद तो यह हो गई है कि तीन उप चुनावों में 17 विधानसभा में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा है और एक बार फिर से सरकार जाने का खतरा सताने लगा है। ऐसे में विधायक इन सबके लिए प्रेतात्माओं को जिम्मेदार मान रहे हैं। ये विधायक कह रहे हैं कि विधानसभा पर किसी प्रेतात्मा का साया है।