राजीव गांधी के कातिलों की रिहाई के खिलाफ हुकूमत अदालत जाएगी

मरकज़ी हुकूमत साबिक वज़ीर ए आज़म राजीव गांधी के कातिलों को रिहा करने को लेकर तमिलनाडु हुकूमत के फैसले से नाराज है | राजीव के कातिलों की रिहाई को रूकवाने के लिए मरकज़ी हुकूमत सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है |

ज़राये के मुताबिक मरकज़ी हुकूमत सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पी.सदाशिवम के सामने मामले को रखेगी | वज़ारत ए दाखिला के ज़राये के मुताबिक सजा माफ करने का इख्तेयार सिर्फ मरकज़ की हुकूमत को है | रियासती हुकूमत मुजरिमों को आजाद नहीं कर सकती | तमिलनाडु की हुकूमत ने राजीव गांधी के कत्ल के सातों मुजरिमों को रिहा करने का हुक्म आदेश दिया था |

तमिलनाडु की हुकूमत ने अपने फैसले के बारे में मरकज़ी हुकूमत को इत्तेला देते हुए कहा था कि अगर मरकज़ की हुकूमत ने तीन दिन में फैसला नहीं लिया तो वह सभी सातों मुजरिमों को रिहा कर देगी | सुप्रीम कोर्ट ने राजीव गांधी के कातिलों की फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दिया गया था \

मुजरिमों की रहम की दरखास्तों के निपटारे में ज़्यादा वक्त लगने की वजह से अदालत ने उनकी फांसी की सजा को उम्र कैद में बदल दी गयी थी |

कोर्ट के इस फैसले के बाद तमिलनाडु हुकूमत ने सभी सात मुजरिमों की रिहाई का हुक्म दिया | कांग्रेस के नायब सदर राहुल गांधी ने बुध के रोज़ कहा था कि वह इस बात से मायूस है कि तमिलनाडु हुकूमत उनके वालिद और साबिक वज़ीर ए आज़म राजीव गांधी के सात कातिलों को रिहा करने जा रही है |

राहुल गांधी ने कहा कि मेरे वालिद शहीद हुए थे हम मौत की सजा के खिलाफ हैं अगर वज़ीर ए आज़म के कातिलों को रिहा किया जाएगा तो आम आदमी किस तरह इंसाफ की उम्मीद कर सकता है? राहुल गांधी के बयान के बाद कांग्रेस ने तमिलनाडु सरकार के फैसले की मुज़म्मत की थी | कांग्रेस ने तमिलनाडु की वज़ीर ए आला जे.जयललिता के फैसले को गैर जिम्मेदाराना बताया था |