राहुल गांधी का यूपी में इंतेख़ाबी शिकस्त का तजज़िया

अब जबकि उत्तर प्रदेश असेंबली इंतेख़ाबात में कांग्रेस की नाक़िस कारकर्दगी पर राहुल गांधी हनूज़ रंजीदा हैं वहीं उन्होंने कमरबस्ता होकर इन हालात का जायज़ा लेने का बेड़ा उठाया है जिन हालात ने कांग्रेस को शिकस्त से दो-चार किया। राहुल गांधी के लिए ये तजज़िया करना अब नागुज़ीर हो गया है ताकि 2014 में मुनाक़िद शुदणी लोक सभा इंतेख़ाबात के लिए पार्टी को अभी से ही जंग की तैयारीयों में झोंक दिया जाए।

पार्टी ज़राए ने बताया कि राहुल गांधी ने रियासत के इन उम्मीदवारों से तफ़सीली मुलाक़ातें की हैं जो 20,000 से ज़ाइद वोटस हासिल करने के बावजूद शिकस्त से दो-चार हो गए। राहुल गांधी अपने दो रोज़ा तजज़िया का आग़ाज़ गुज़शता हफ़्ता करने वाले थे लेकिन किसी वजह से वो ऐसा ना कर सके।

तजज़िया का वाहिद मक़सद ये है कि पार्टी में पाई जाने वाली ख़ामीयों को दूर किया जा सके क्योंकि कांग्रेस के लिए यूपी एक अहम रियासत है।