राहुल गांधी ने आज मर्कज़ी वज़ीरे दाख़िला सुशील कुमार शिंदे और शुमाल मशरिक़ के अरकाने पार्लियामेंट से मुलाक़ात की ताकि इलाक़ाई अवाम की हिरासानी का ख़ातमा करने इक़दामात पर तबादला-ए-ख़्याल किया जा सके जबकि हुकूमत ने उनके अनुदेशों का अज़ाला करने के लिए इंसिदादी इक़दामात करने एक कमेटी तशकील दी है। शुमाल मशरिक़ी रियासतों के पार्टी उमूर के इंचार्ज लोईज़ नहू फुले रो ने शुमाल मशरिक़ी हिंद के वफ़द की क़ियादत की और नायब सदर कांग्रेस से कहा कि वो चाहते हैं कि अरूणाचल प्रदेश के एक तालिब-ए-इल्म नीड वित्ता नियम की मौत के ज़िम्मेदारों को कैफ़र किरदार तक पहुंचाया जाये और शुमाल मशरिक़ी इलाक़ों के अवाम के साथ तास्सुब का बरताव ख़त्म किया जाये।
19 साला तालिब-ए-इल्म तानेम के क़त्ल पर अवामी बरहमी के पेशे नज़र जिसे मुबय्यना तौर पर लाजपत नगर के ब्योपारियों ने ज़द-ओ-कोब किया था, अहमियत रखती है। फुले रो ने कहा कि विज़ारत-ए-दाख़िला ने रीटाइरड आई ए एस ओहदेदार एम बी बैज़ बरवा की ज़ेरे सदारत एक 6 रुकनी कमेटी तशकील दी है जो शुमाल मशरिक़ी हिंद के अवाम के साथ तास्सुब के रोये , हमलों और तशद्दुद के पसेपर्दा वजूहात का तजज़िया करेगी और दो माह के अंदर अपनी रिपोर्ट पेश करेगी।
शुमाल मशरिक़ी काउंसल के रुकन बे ज़बरवा के इलावा विज़ारत-ए-दाख़िला के नायब मोतमिद एस सिन्हा इस कमेटी के रुकन सेक्रेटरी हैं। रीटाइरड ओहदेदार एच डब्ल्यू टी सैम , आएलन तय मैशी जामेर , टेक बागरा और पी भरत सिंह अरकाने कमेटी है। दिल्ली पुलिस के जवाइंट कमिशनर रॉबिन हेबो जो इसी इलाक़े के हैं विज़ारत-ए-दाख़िला की टीम में शामिल होंगे जो कमेटी की मदद करेगी। फैसला किया गया है कि शुमाल मशरिक़ी हिंद के अवाम के अनुदेशों का अज़ाला करने के लिए ये कमेटी मुख़्तलिफ़ हालात का जायज़ा लेगी और मुनासिब इंसिदाद इक़दामात की तजवीज़ हुकूमत को पेश करेगी।
कमेटी को सक्रिय ट्रीट की इमदाद और विज़ारत-ए-दाख़िला की जानिब से अंदरून दो माह रिपोर्ट पेश करने के लिए सहूलतें फ़राहम की जाएंगी। फुले रो ने कहा कि कमेटी के सदर नशीन को एन जी औज़ और शुमाल मशरिक़ी हिंद के तलबा-ए-को कमेटी के अरकान नामज़द करने के इख़्तयारात दिए गए हैं। ये ना सिर्फ़ मसाइल का तजज़िया करेगी बल्कि शहरी हुक़ूक़ के तहफ़्फ़ुज़ के इक़दामात भी तजवीज़ करेगी।
राहुल गांधी ने तास्सुब पर मबनी दुश्मनी के तहत तानेम के क़त्ल का मसला हल करने के लिए इक़दामात से गहिरी दिलचस्पी ज़ाहिर की। वफ़द ने राहुल गांधी के साथ इन तमाम वाक़ियात पर तबादला-ए-ख़्याल किया जो माज़ी में पेश आचुके हैं और राहुल गांधी ने उन्हें उसे वाक़ियात का इआदा ना होने देने का तैक़ून दिया। राहुल गांधी ने कहा कि वो मर्कज़ी वज़ीरे दाख़िला सुशील कुमार शिंदे से मुलाक़ात कर के तबादला-ए-ख़्याल करचुके हैं।