हैदराबाद 24 मई: रियास्ती हुकूमत मेहनत कश तबक़ात की फ़लाह -ओ-बहबूद की ना सिर्फ़ पाबंद है बल्के इस पर अव्वलीन तर्जीह दे रही है और रियासत भर में पाए जाने वाले एक करोड़ मेहनत कश अफ़राद (वर्कर्स ) के मिनजुमला कम से कम 25 लाख वर्कर्स को रियास्ती लेबर कौंसिल में अरकान की हैसियत से दर्ज करवाने का हुकूमत फ़ैसला करते हुए बेहतर इक़दामात कररही है।
आज यहां टी अनजया भवन मनकशमया भवन में तामीरी शोबा ,दुकानों ,सनअतोंओ दुररे शोबा जात में काम करने वाले वर्कर्स के लिए अपने नाम दर्ज करवाने के मक़सद से मुनज़्ज़म करदा एक ख़ुसूसी प्रोग्राम का रियास्ती वज़ीर मेहनत-ओ-रोज़गार डी नागेंद्र ने इफ़्तेताह करते हुए अपने ख़िताब में मज़कूरा इज़हार-ए-ख़्याल किया और कहा कि रियास्ती हुकूमत ने मेहनत कश तबक़ात की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए कई एक स्कीमात को ना सर मुतआरिफ़ किया है बल्के उन स्कीमात पर बेहतर अमल आवरी भी की जा रही है लेकिन उन्होंने इस बात पर अपने तास्सुफ़ का इज़हार किया कि रियास्ती हुकूमत की तरफ से रूबा अमल लाई जाने वाली मुख़्तलिफ़ स्कीमात से मेहनत कश तबक़ा की अक्सरीयत नावाक़िफ़ हुआ करती है क्यूंकि वो सुबह से शाम तक अपनी मेहनत मज़दूरी के अलावा अपनी ज़िम्मेदारीयों की तकमील में मसरूफ़ रहा करते हैं और किसी स्कीमात से वाक़फ़ीयत हासिल करने से भी उन्हें दिलचस्पी नहीं पाई जाती है जिस के बाइस हुकूमत की इन स्कीमात से मेहनत कश तबक़ा इस्तेफ़ादा हासिल करने में नाकाम दिखाई देता है ।
लिहाज़ा उन फ़वाइद और स्कीमात से मेहनत कश तबक़ा में शऊर पैदा करने और हुकूमत की मेहनत कश तबक़ात की फ़लाह-ओ-बहबूद के लिए शुरू करदा तमाम स्कीमात से इस्तेफ़ादा हासिल करने के लिए मेहनत कश तबक़ा में बेदारी पैदा करने के हुकुमत की तरफ से इक़दामात किए जा रहे हैं। इस मौके पर रामा अनजनीलो कमिशनर रियास्ती महिकमा लेबर और दुसरे ओहदेदार भी मौजूद थे।