रूस के करा सुनो डार इलाक़े के गवर्नर जहां इख़तताम-ए-हफ़्ता पर सैलाब से 171 अफ़राद हलाक हुए दो मुक़ामी ( स्थायी) ओहदेदारों को बरतरफ़ कर दिया गया है , उन्हें इंतिहाई मुतास्सिरा ( प्रभावित) इलाक़े करमिस्क में बोहरान ( संकट) के दौरान ग़फ़लत पर बरतरफ़ किया गया ।
कहाइन हालात में मेरा ख़्याल है कि करमिस्क ज़िला के सरबराह और मेयर को उन के ओहदे से बरतरफ़ कर देना चाहिए ।उन्होंने इन दोनों अफ़राद पर इल्ज़ाम लगाया कि वो सैलाब के बारे में इंतिबाह (चेतावनी/ सावधानी) मालूम होने के बाद बावजूद वो बरवक़्त लोगों को आगाह करने में नाकाम रहे ।